एमडीए अभियान में कैमूर जिला अव्वल

राज्य के 24 जिलों में 10 फरवरी से चल रहे एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान में ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन टीम आमलोगों के घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिला रही है.

संवाददाता, पटना

राज्य के 24 जिलों में 10 फरवरी से चल रहे एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान में ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन टीम आमलोगों के घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिला रही है. शनिवार सुबह तक 84 % दवा सेवन के साथ कैमूर जिला प्रथम स्थान पर है. वहां करीब 13.97 लाख लक्षित आबादी में से 11.70 लाख लोगों को दवा खिलायी जा चुकी है. 83 % दवा सेवन के साथ अरवल और खगड़िया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं. अभी तक 67 % लोगों को दवा खिलायी जा चुकी है. राज्य स्वास्थ्य समिति में विशेष फाइलेरिया कॉल सेंटर में सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है. एमडीए अभियान में दवा सेवन करने वाले टॉप पांच जिलों में कैमूर-84%, अरवल और खगड़िया- 83%, शेखपुरा-81% और जमुई-78% दवा सेवन के साथ पांचवें स्थान पर है. अन्य जिलों में भी शतप्रतिशत लक्षित आबादी को दवा सेवन के लिए लगातार कार्यक्रम चलाया जा रहा है. डॉ अनुज सिंह रावत, राज्य फाइलेरिया सलाहकार ने बताया कि अभी तक दवा नहीं खाने वाले लोगों को जिले में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित अन्य विभागों के सहयोग से बीमारी की गंभीरता समझायी जाती है. डॉ रावत ने लोगों से अपील की है कि सभी योग्य व्यक्ति एमडीए अभियान के दौरान दवा का सेवन जरूर करें क्योंकि यह उनके हित में है. 2027 तक फाइलेरियामुक्त बिहार का स्वप्न साकार करने के लिए लक्षित आबादी का शत प्रतिशत दवा सेवन करना जरूरी है.

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