Bihar Land Survey: रैयतों की चिंता खत्म! अब अधिकारी खुद आएंगे घर, स्वघोषणा पत्र को लेकर बड़ा निर्देश

Bihar Land Survey: बिहार के नवादा में रैयतों को सुविधा देने के लिए और भूमि सर्वेक्षण के काम को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए प्रशासन ने कई निर्देश दिए हैं. जिले में भूमि सर्वे को लेकर बीते दिनों मीटिंग हुई. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar Land Survey: बिहार में भूमि सर्वे का काम युद्धस्तर पर जारी है. इसको लेकर तमाम तरह के निर्देश आए दिन सामने आते हैं. इसी क्रम में अब अधिकारियों को घर-घर जाकर रैयतों को भूमि से संबंधित स्वघोषणा तय समय सीमा से पहले कराने को लेकर प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं. बता दें, बिहार के नवादा जिले के बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज कुमार के निर्देशानुसार हिसुआ प्रखंड के भूमि सर्वेक्षण शिविर का निरीक्षण शनिवार को राजस्व पदाधिकारी सह कानूनगो अशोक कुमार झा ने किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें भूमि सर्वेक्षण के कार्यों को लेकर दिशा निर्देश दिए.

घर घर जाकर स्वघोषणा प्राप्त करने का निर्देश

इस दौरान शिविर प्रभारी हरेंद्र कुमार भी शामिल रहे. राजस्व पदाधिकारी सह कानूनगो अशोक कुमार झा ने बैठक में भूमि सर्वेक्षण से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी दी. साथ ही उन्होंने अधिकारियों को रैयतों के घर-घर जाकर स्वघोषणा और वंशावली लेने का निर्देश भी दिया. सभी अमीनों को एक सप्ताह के भीतर प्रपत्र पांच एंट्री करने का सख्त निर्देश दिए गए. इस काम में किसी भी तरह की कोई कोताही नहीं बरतने की बात भी कही गई है. समीक्षा बैठक में आगे कहा गया कि सभी रजिस्टर को सही तरीके से अपडेट और मेंटेन करें. कहा गया कि अभी रैयतों के पास जो भी भूमि से संबंधित कागजात हैं, उसे ऑनलाइन या ऑफलाइन करें.

पुराने विवादों को सुलझाने में मिल रही मदद

बिहार में भूमि सर्वेक्षण एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है, जिससे राज्य में जमीन से जुड़े वर्षों पुराने विवादों को सुलझाने में मदद मिल रही है. इस सर्वेक्षण के जरिए प्रत्येक प्लॉट की सटीक सीमाएं, स्वामित्व और उपयोग की जानकारी दर्ज की जा रही है, जिससे जमीन की पारदर्शिता बढ़ी है. पहले जहां छोटी-छोटी जमीनों को लेकर सालों तक कोर्ट-कचहरी का चक्कर चलता था, अब डिजिटल रिकॉर्ड और नक्शों के माध्यम से साफ-साफ पता चल जाता है कि जमीन किसकी है और कितनी है. इससे ग्रामीणों में भी भरोसा बढ़ा है कि उनकी जमीन सुरक्षित है.

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By Aniket kumar

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डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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