Patna Ration Card: बिहार में जन वितरण प्रणाली को मजबूत करने और गरीबों तक राशन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कुछ दिन पहले हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाने और लाभार्थियों का सटीक डाटाबेस तैयार करने का जो लक्ष्य तय किया गया था, उसी के तहत पालीगंज में बड़ा परिणाम सामने आया है. यहां विशेष अभियान के दौरान 15 हजार से ज्यादा लोगों ने राशन कार्ड के लिए आवेदन कर दिया, जो तय लक्ष्य से काफी अधिक है.
सरकार ने इस महा अभियान को तेजी से पूरा करने के लिए 13 अगस्त की डेडलाइन तय की थी और अधिकारियों को रोजाना हजारों नए कार्ड जारी करने का कड़ा टारगेट दिया गया था. मुख्य सचिव ने भी सभी जिलों के डीएम और आपूर्ति अधिकारियों को साफ निर्देश दिया था कि तय समय सीमा को अंतिम मानते हुए पूरी ताकत से काम किया जाए. अब उसी सख्ती और सक्रियता का असर पालीगंज अनुमंडल में देखने को मिल रहा है.
लक्ष्य से ज्यादा आवेदन, लोगों में दिखा भरोसा
पालीगंज अनुमंडल में नए राशन कार्ड बनाने और नाम जोड़ने के लिए चलाए गए विशेष अभियान को उम्मीद से ज्यादा सफलता मिली. प्रशासन को 12,435 आवेदन प्राप्त करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन दो सप्ताह के भीतर 15 हजार से अधिक आवेदन जमा हो गए.
Ration Card: सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही
शिविरों में सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. ग्रामीण इलाकों से आए लोग जरूरी कागजात के साथ पहुंचे और आवेदन प्रक्रिया पूरी की. इससे यह साफ हुआ कि अभी भी बड़ी संख्या में पात्र परिवार ऐसे थे, जो अब तक योजना से बाहर थे और अब उन्हें उम्मीद की नई किरण दिखी है.
एसडीएम ने किया निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश
शनिवार को अनुमंडलाधिकारी चंदन कुमार ने प्रखंड, अंचल और आपूर्ति कार्यालयों में चल रहे विशेष शिविरों का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों से आवेदन की स्थिति की जानकारी ली और लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया.
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आवेदक को परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए. उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानी और समाधान का भरोसा दिलाया.
अपात्र हटे, पात्रों को मिला मौका
हाल ही में राज्य स्तर पर राशन कार्डों की समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र लाभुकों के नाम सूची से हटाए गए थे. पालीगंज अनुमंडल में भी करीब 12 हजार लोगों के नाम हटे थे.
इसके बाद उन परिवारों की पहचान की गई, जो वास्तव में पात्र थे लेकिन किसी कारण से योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे. इन्हीं परिवारों को शामिल करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया, जिसका असर अब आवेदन की संख्या में साफ दिख रहा है.
राज्य स्तर पर भी बड़ा फैसला
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत व्यवस्था को और मजबूत करने पर चर्चा हुई. इस दौरान राज्य में खाली पड़े 4693806 स्लॉट को भरने का निर्णय लिया गया.
इसी के तहत करीब 11,04,425 नए राशन कार्ड जारी करने की योजना बनाई गई है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर अनाज मिल सके और कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे.
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राशन कार्ड बनाने और नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. नए कार्ड के लिए प्रपत्र क और नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र ख भरकर आवेदन किया जा सकता है.
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी राजनीति प्रसाद, अनुमंडल आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुशील कुमार और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी महेंद्र प्रसाद सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.
पालीगंज में लक्ष्य से अधिक आवेदन दिखा रहे है कि सरकार के सख्त निर्देश और प्रशासन की सक्रियता का असर अब जमीन पर दिखने लगा है. अगर इसी तरह काम जारी रहा तो तय समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को राशन कार्ड का लाभ मिल सकेगा. आने वाले दिनों में इस अभियान से राज्य के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.
