बिहार में बर्फीली हवाओं का टॉर्चर, 9 जनवरी तक राहत नहीं, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

IMD Alert Bihar: बिहार में बर्फीली पछुआ हवाओं और गिरते तापमान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार 9 जनवरी तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं. शीतलहर के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं.

IMD Alert Bihar: बिहार के सुपौल समेत लगभग सभी जिलों में इन दिनों कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी है. उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली बर्फीली पछुआ हवाओं ने पूरे राज्य में कनकनी बढ़ा दी है. हालात ऐसे हैं कि रजाई, कंबल और हीटर के इस्तेमाल के बावजूद लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 9 जनवरी तक तापमान में और गिरावट आ सकती है और फिलहाल इस कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.

ठंड से लोग बेहाल

ठंड का सबसे भयावह असर खुले आसमान के नीचे रहने वाले बेघर लोगों, रिक्शा चालकों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है. इनके लिए यह मौसम किसी आपदा से कम नहीं है. सुबह और शाम के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक, चौक-चौराहों पर लोग अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं.

पटना मौसम विभाग का अलर्ट

बिजेनस पर भी असर

भीषण ठंड के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की परेशानी बढ़ गई है. अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की भीड़ बढ़ रही है. डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग ठंडी हवाओं से बचें और शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढंक कर रखें. ठंड का असर बाजारों पर भी दिख रहा है. शाम होते ही सन्नाटा छा जाता है और दुकानें समय से पहले बंद हो रही हैं.

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कई दिन बाद सूर्य देवता का दर्शन

गुरुवार को बिहार के कई हिस्सों में खिली धूप ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी. कई दिनों बाद सूर्य देव के दर्शन होने से लोगों ने अपने भीगे कपड़े सुखाए और घरों की साफ-सफाई की. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में घना कोहरा छाए रहने और न्यूनतम तापमान के और नीचे जाने की संभावना बनी हुई है.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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