Patna train theft: दानापुर रेल मंडल के पश्चिमी क्षेत्र में चलती ट्रेनों में भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के बैग और कीमती सामान चोरी करने वाले गिरोह का रेल पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में गिरोह के तीन सदस्यों और चोरी के जेवरात को गलाकर बेचने वाले एक दुकानदार को गिरफ्तार किया गया है.
रेल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से 3 लाख 9 हजार रुपये नकद, लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं. बरामद सामान में सोने की पांच अंगूठियां, चार सिकड़ी, एक मंगलसूत्र, झुमका, कानबाली, हार, नोज पिन, नथिया, टॉप्स, कान की लड़ी, चांदी की पायल और कमरधनी सहित कई आभूषण शामिल हैं.
एसआईटी के गठन के बाद मिली सफलता
गुरुवार को पाटलिपुत्र जंक्शन स्थित जीआरपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में रेल एसपी अनंत कुमार राय ने बताया कि पश्चिम बंगाल के हुगली निवासी रीना गुप्ता ने रेल थाना सासाराम में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी.
रीना गुप्ता ने बताया था कि 27 जून 2026 को भभुआ इंटरसिटी ट्रेन से सासाराम से भभुआ की यात्रा के दौरान उनके ट्रॉली बैग से पर्स, सोने-चांदी के जेवरात, नकदी, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, एटीएम कार्ड सहित अन्य दस्तावेज चोरी कर लिए गए थे. इस मामले में 29 जून को अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. तकनीकी साक्ष्यों और अनुसंधान के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्य हीरा कुमार को गिरफ्तार किया.
कई जिलों में छापेमारी कर बरामद किए गए जेवर
गिरफ्तार हीरा कुमार की निशानदेही पर उसके घर और अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई. कार्रवाई के दौरान 2 लाख 9 हजार रुपये नकद समेत बड़ी मात्रा में चोरी के सोने-चांदी के जेवर और मोबाइल फोन बरामद किए गए. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हीरा कुमार, अनिल कुमार उर्फ अनिल सिंह और पप्पू फारूकी उर्फ पप्पू कुरैशी के रूप में हुई है. हीरा कुमार खगड़िया जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र का निवासी है, जबकि अन्य दोनों आरोपी रोहतास जिले के सासाराम नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं.
आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
रेल एसपी ने बताया कि गिरफ्तार हीरा कुमार के खिलाफ महेशखूंट थाना में पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. पूछताछ के दौरान गिरोह की कार्यशैली और अन्य घटनाओं में संलिप्तता की भी जानकारी जुटाई जा रही है. सभी आरोपितों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. रेल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की तलाश में भी जुटी हुई है.
