पटना. सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने 22 थानों के करीब 150 एसआइ व एएसआइ का वेतन बंद कर दिया है. काम में लापरवाही के कारण सिटी एसपी ने यह कार्रवाई की है. उन्हें जो काम दिया गया था, वह संतोषजनक नहीं पाया गया. सबसे खराब प्रदर्शन दानापुर थाने का है, जहां के 70% पुलिस पदाधिकारियों का वेतन बंद कर दिया गया है. सिटी एसपी वेस्ट के तमाम थानों में करीब 11 हजार केस लंबित हैं. संख्या अधिक होने के कारण सिटी एसपी ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को हर माह कम-से-कम पांच केस का निबटारा करने का निर्देश दिया था. साथ ही संगीन अपराधों में आरोपितों को गिरफ्तारी का टास्क सौंपा था. बताया जाता है कि सिटी एसपी वेस्ट ने दो दिन पहले इन 22 थानों के पुलिस पदाधिकारियों के काम की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने पाया कि कई पुलिस पदाधिकारी एक भी केस का निबटारा नहीं कर पाये हैं. किसी ने एक या दो केसों का ही निबटारा किया है. जिन पदाधिकारियों को गुंडा पंजी में अपराधियों को अंकित करने, सीसीए 3 के तहत प्रस्ताव भेजने की जिम्मेदारी दी गयी थी, उन्होंने कुछ भी नहीं किया. जिन लोगों ने कुछ भी काम नहीं किया है, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गयी है. सिटी एसपी वेस्ट ने बताया कि जिनका पदाधिकारियों का काम संतोषजनक नहीं पाया गया, उनके वेतन को बंद कर दिया गया है. अगर वे अपने कार्य में सुधार लाते हैं, तो फिर से वेतन शुरू कर दिया जायेगा.
बेहतर कार्य करने वाले दो थानेदार सहित तीन पुरस्कृत
बेहतर कार्य करने वाले दो थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिस पदाधिकारियों को एसएसपी ने पुरस्कृत किया है. इनमें रानीतालाब थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार, राजीव नगर थानाध्यक्ष सोनू कुमार व तत्कालीन खुसरूपुर थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर शामिल हैं. जुलाई में सबसे अधिक अवैध शस्त्र, कारतूस व शराब की बरामदगी को लेकर मंजीत कुमार ठाकुर व प्रमोद कुमार को पुरस्कृत किया गया है. जबकि राजीव नगर थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने सबसे अधिक चेन व मोबाइल स्नैचिंग के कांडों का खुलासा करने व गिरफ्तारी की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
