संवाददाता, पटना महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार की ओर से यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से आयोजित चार दिवसीय किशोर-किशोरी जीवन कौशल प्रशिक्षण (भाग-2) का गुरुवार को दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान में समापन हो गया. 19 से 22 जनवरी तक चले इस प्रशिक्षण में राज्य के 19 जिलों से पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधीन संचालित ओबीसी प्लस टू कन्या आवासीय विद्यालयों के 34 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरावस्था के दौरान जीवन कौशल की समझ विकसित करना और विद्यालयों में इसके प्रभावी प्रसार को सुनिश्चित करना था. समापन सत्र के दौरान पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के उपनिदेशक गोपाल प्रसाद ने प्रतिभागियों से फीडबैक लिया और प्रशिक्षण की सराहना की. चार दिनों के दौरान विशेषज्ञों ने किशोर स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, संबंधों के निर्माण और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की. प्रशिक्षण के संचालन में यूनिसेफ के विशेषज्ञों और पटना विश्वविद्यालय की प्रोफेसर निधि सिंह ने प्रशिक्षक के रूप में मुख्य भूमिका निभायी. प्रशिक्षण के अंतिम दिन शिक्षकों ने मॉक सेशन और कार्ययोजना निर्माण के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया. प्रतिभागियों ने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया. इस अवसर पर निगम की उपसचिव मार्गन सिन्हा और यूनिसेफ की मोना सिन्हा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे.
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