Ford Hospital: जमुई निवासी 21 साल के गौरव कुमार (बदला हुआ नाम) के शरीर में फंसी गोली को फोर्ड हॉस्पिटल में जटिल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक निकाल लिया गया. समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई. हॉस्पिटल के निदेशक एवं जनरल सर्जन डॉ. संतोष कुमार के नेतृत्व में डॉ. आलोक कुमार और डॉ. प्रभात रंजन की टीम ने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है.
पीछे से मारी गई थी गोली
परिजनों के अनुसार, गौरव को पीछे से गोली मारी गई थी. गोली पेट के दाहिने हिस्से के निचले भाग में जाकर फंस गई थी. घटना के तुरंत बाद परिजन उसे फोर्ड हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने तत्काल सीटी स्कैन कराया. जांच में राहत की बात यह रही कि गोली लगने के बावजूद पेट के प्रमुख आंतरिक अंग सुरक्षित थे और किसी महत्वपूर्ण अंग को गंभीर क्षति नहीं पहुंची थी.
लेप्रोस्कोपिक तकनीक से किया गया ऑपरेशन
सीटी स्कैन की रिपोर्ट मिलने के बाद चिकित्सकों ने बिना देरी किए लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी करने का निर्णय लिया. ऑपरेशन के दौरान पेरिटोनियम को सावधानीपूर्वक खोलकर शरीर में फंसी गोली को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया. पूरी सर्जरी करीब एक घंटे तक चली और बिना किसी जटिलता के सफल रही.
समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान
फोर्ड हॉस्पिटल के निदेशक एवं जनरल सर्जन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि गोली लगने के तुरंत बाद मरीज को अस्पताल पहुंचा दिया गया था. समय पर जांच और उपचार शुरू होने के कारण उसकी जान बचाई जा सकी. उन्होंने कहा कि ऐसी गंभीर परिस्थितियों में बिना देर किए विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचना मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है.
