बाढ़ अब आपदा नहीं, विकास का साधन : जीवेश कुमार

आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) में ‘रिवर फ्लडिंग-वार्निंग एंड डिसेमिनेशन’ विषय पर मंगलवार को एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया

एकेयू में ‘रिवर फ्लडिंग-वार्निंग एंड डिसेमिनेशन’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार संवाददाता, पटना आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) में ‘रिवर फ्लडिंग-वार्निंग एंड डिसेमिनेशन’ विषय पर मंगलवार को एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इस मौके पर मुख्य अतिथि शहरी विकास एवं आवास मंत्री जीवेश कुमार ने कहा कि बिहार की भौगोलिक स्थिति विशेष है, जहां एक ओर बाढ़, तो दूसरी ओर सूखे की समस्या रहती है. उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जल प्रबंधन के क्षेत्र में उठाये गये ठोस कदमों के कारण अब बाढ़ सिर्फ आपदा नहीं रही, बल्कि जल संपदा बनकर राज्य के विकास में सहायक बन रही है. सेमिनार का आयोजन एकेयू के स्कूल ऑफ रिवर स्टडीज और डीएचआइ डेनमार्क के सहयोग से किया गया. कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शरद कुमार यादव ने कहा कि एकेयू जलविज्ञान, नदी पारिस्थितिकी और बाढ़ प्रबंधन के क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण और अनुसंधान के लिए समर्पित संस्था है. सेमिनार के दौरान विशिष्ट अतिथि बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो कामेश्वर झा ने कहा कि बिहार की प्राकृतिक चुनौतीपूर्ण स्थिति को शोध के जरिये अवसर में बदला जा सकता है. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डीएचआइ के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट मार्क ब्रिटन ने आधुनिक बाढ़ प्रबंधन टूल्स और उनकी व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष प्रकाश डाला, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की जल समस्या का समाधान तकनीकी तरीके से किया जा सके. सेमिनार के संयोजक डॉ शाद असगर मोइनी ने बताया कि कार्यक्रम में कुल 77 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 23 शोधार्थी भी शामिल थे. आइआइटी पटना के ओम प्रकाश, एनआइटी पटना के डॉ रामाकर झा, मौसम सेवा केंद्र के डॉ प्रभु सीएन और इंजीनियर रवि प्रकाश सहित कई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किये.

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By ANURAG PRADHAN

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