तीन साल में सूची से बाहर किये गये पांच लाख 70 हजार लाभुक

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में साल दर साल लाभुकों की संख्या घट-बढ़ रही है.

मनोज कुमार, पटना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में साल दर साल लाभुकों की संख्या घट-बढ़ रही है. वर्ष 2022-23 से वर्ष 2024-25 तक लगभग पांच लाख 70 हजार लाभुकों की संख्या घट गयी. इसमें एक हिस्सा केवाइसी नहीं कराने वाले और कुछ मृत लाभुकों का भी है. मगर, अधिकांश फर्जी लाभुक हैं, जिनको जांच के बाद विभाग ने लाभुक सूची से बाहर किया. कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच में अयोग्य पाये गये अधिकांश लाभुकों के नाम हटाये गये हैं. जांच के बाद इनको योजना से वंचित किया गया. इनमें इनकम टैक्स देने वाले, राज्य और देश से बाहर रहने वाले लोग शामिल थे. नौकरी पेशा और इस योजना के लिए जरूरी योग्यता नहीं रखने वाले को भी योजना से वंचित किया गया. इस अवधि में दो लाख से अधिक फर्जी लाभुकों के नाम लाभुक सूची से हटाये गये. लेकिन, तब तक इन लोगों ने 1 अरब 20 करोड़ से अधिक राशि गलत तरीके से प्राप्त कर ली. वर्ष 2020-21 में 77.43 लाभुकों को इस योजना का लाभ मिला. इसके अगले वर्ष लाभुकों की संख्या बढ़कर 82.92 लाख हो गयी. लगभग 5 लाख 49 हजार लाभुकों की संख्या बढ़ गयी. इसके अगले साल वर्ष 2022-23 में फिर लाभुकों की संख्या में फिर इजाफा हुआ. इस साल 83.54 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिला. 2023-24 में 80.60 लाख लाभुकों को इस योजना का लाभ मिला. बीते साल से इस साल लगभग तीन लाख लाभुक घट गये. इसके अगले साल 2024-23 में लाभुकों की संख्या और तीन लाख घट गयी. इस साल 77.84 लाख लाभुक रह गये. जबकि वर्ष 2018-19 में दो लाख 15 हजार लाभुक ही थे. वर्ष 2018-19 से वर्ष 2024-25 तक कुल 27091 करोड़ रुपये बांटे गये. इसमें सबसे अधिक वर्ष 2021-22 में 5033 करोड़ रुपये बांटे गये थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >