Patna News : बिहटा में पांडव गिरोह के गुर्गों ने पुलिस पर की एक-47 से फायरिंग, चार बालू माफिया गिरफ्तार

पुलिस की ओर से भी भारी फायरिंग देख कर सभी भागने लगे. इस क्रम में पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया. मौके से पुलिस ने एक एके-47, एक राइफल व 160 जिंदा कारतूस बरामद किये हैं.

संवाददाता, बिहटा/पटना : पटना पुलिस और पांडव गिरोह के बीच सोन नदी के पास मुठभेड़ हुई है. शनिवार की देर रात गुप्त सूचना पर सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम आमनाबाद में सोन नदी के पास बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची. पुलिस की भनक लगते ही पांडव गिरोह के गुर्गों ने एसपी, दानापुर एसएचओ प्रशांत कुमार भारद्वाज समेत टीम में शामिल पुलिसमर्कियों पर एके-47 से फायरिंग कर दी. जवाब में सिटी एसपी पश्चिमी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने भी अत्याधुनिक हथियारों से गोलियों की बरसात कर दी. पुलिस की ओर से भी भारी फायरिंग देख कर सभी भागने लगे. इसके बाद टीम ने फायरिंग करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया. मौके से पुलिस ने एक एके-47, एक राइफल व 160 जिंदा कारतूस बरामद किये हैं. इनमें सारण जिले के डोरीगंज के संजय राय व अजीत कुमार, पालीगंज के जलपुरा का सोनू कुमार सिंह व आरा का यश कुमार शामिल हैं. रविवार को एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये सभी पांडव गिरोह के सरगना कुख्यात संजय सिंह के लिए काम करते थे. संजय पर पत्रकार नगर थाने में पूर्व विधायक चितरंजन सिंह के दो भाइयों की हत्या का केस दर्ज है.

60 राउंड चली गोलियां, कुछ हथियार नदी में फेंके

दोनों तरफ से 30 मिनट में 50-60 राउंड फायरिंग की गयी है. गिरोह के सदस्य बालू ढोने वाले नाविकों से रंगदारी मांगते हैं. प्रति नाव 6 से 7 हजार रुपये देने के बाद ही आगे जाने देते हैं और रंगदारी नहीं देने वाले नाविकों को बंधक बना कर नाव जब्त कर लेते हैं. एसएसपी ने बताया कि सूचना के आधार पर पटना पुलिस शनिवार की रात से इस इलाके में अपराधियों की घेराबंदी के लिए डेरा डाली हुई थी. रविवार सुबह चार बजते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की. इसी बीच अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी गयी. पुलिस ने सुबह चार बजे से नौ बजे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद अपराधियों ने घुटने टेक दिये. कुछ हथियार नदी में भी फेंक दिये.

पांडव गिरोह के पास हैं पांच से अधिक एके-47

सोन नदी के बालू की लूट में पटना, भोजपुर और छपरा के गैंग शामिल हैं. आये दिन इस गैंग के बीच मुठभेड़ होती रहती है.बीते 13 साल में इस इलाके में माफियाओं के बीच कई बार मुठभेड़ हो चुकी है. इस गोलीबारी में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. सैकड़ों की संख्या में घायल हुए है. अधिकतर के शव आज तक नहीं मिले हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों रोज गोलीबारी हो रही है. जिसकी हत्या होती है, उसे बालू माफिया बालू में ही गाड़ देते हैं या नदी में शव में पत्थर बांध कर डूबा दिया जाता है. पांडव गिरोह के पास पांच से अधिक एके 47 हैं. पुलिस भी इस बात को मान रही है. मुठभेड़ के दौरान भागने के क्रम में माफियाओं ने कई हथियारों को सोन नदी में फेंक दिया.

आठ साल पहले हुई थी बड़ी कार्रवाई

आठ साल पहले पटना के तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज ने बालू माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी. तीन दिनों तक इस इलाके में पटना पुलिस ने कार्रवाई की थी. छह से अधिक बालू माफियाओं की गिरफ्तारी हुई थी. एसएसपी ने कहा कि सोन नदी में बदमाशों ने कई हथियार फेंके हैं, जिनकी बरामदगी की कोशिश की जा रही है.

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