Farming: ड्रैगन फ्रूट्स की खेती करने पर सरकार देगी अनुदान, ऑनलाइन आवेदन कर ऐसे ले सकेंगे लाभ

Farming: बिहार में किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार तत्पर है, किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर नयी फसलों की खेती करने लगे हैं. ऐसे दुर्लभ फलों की खेती के लिए सरकार किसानों को लागत खर्च में अनुदान दे रही है. इस प्रकार ड्रैगन फ्रूट्स विकास योजना के तहत ड्रैगन फ्रूट्स की खेती करने वाले किसानों को सरकार लागत खर्च के 40% के अनुदान दे रही है.

Farming: कैमूर जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती करने पर किसान जोर दे रहे हैं. कैमूर के कुछ किसानों ने ड्रैगन फ्रूट की खेती की है, और उन्हें बाजार में अच्छी कीमतें भी मिल रही हैं. इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक निदेशक उद्यान डॉ अभय कुमार गौरव ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट्स विकास योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, इस योजना के तहत सरकार जिले सहित राज्य में ड्रैगन फ्रूट्स की खेती को बढ़ावा दे रही है. ड्रैगन फ्रूट का पौधा एक बार लगाने के बाद 25 साल तक फल दे सकता है, जिससे किसानों को लगातार मुनाफा मिलता रहता है.

बिहार कृषि उद्यान विभाग के वेबसाइट पर कर सकेंगे आवेदन

बागवानी मिशन के तहत ड्रैगन फ्रूट् विकास योजना लायी गयी है. इस योजना के तहत बागवानी विकास मिशन मार्गदर्शिका के अनुसार ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए 2.0 2.0 मीटर पोल से पोल की दूरी पर प्रति हेक्टेयर 5000 पौधा लगाने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 6.75 लाख रुपये लागत खर्च का 40% यानी 2.70 लाख रुपये का अनुदान सरकार की ओर से दी जायेगी. राशि दो किस्तों में देय होगी. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान बिहार कृषि उद्यान विभाग के वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर लाभ ले सकते हैं.

बाजार में मिल रही अच्छी कीमत

ड्रैगन फ्रूट्स फल में भरपूर मात्रा में विटामिम सी, बी, कैल्शियम, फस्फोरस और मैग्नीशियम पाये जाते हैं. बीएफएल एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है. फाइबर की मात्रा अधिक होने के बावजूद यह लो कैलोरी फल है, जो वजन घटाने में मदद करता है. बाजार में इस फल की कीमत अच्छी खासी रहती है, किसान इस फल की खेती कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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