Patna News : नेपाली महिला से रेप करने वाला ड्राइवर व दोस्त गिरफ्तार

बस में एक नेपाली महिला से दो दिनों तक दुष्कर्म करने वाले ड्राइवर को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसके साथी सुनील कुमार को भी पुलिस ने पकड़ लिया है.

संवाददाता, पटना : बस में एक नेपाली महिला से दो दिनों तक दुष्कर्म करने वाले ड्राइवर कार्तिक राय को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, उसके साथी सुनील कुमार को भी पुलिस ने पकड़ लिया है. शुक्रवार को सेंट्रल एसपी दीक्षा और सचिवालय एएसपी अन्नु कुमारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सुनील कुमार को औरंगाबाद से और रेप करने वाला ड्राइवर कार्तिक राय को बरौनी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है. सिटी एसपी ने बताया कि औरंगाबाद पुलिस और बरौनी रेल पुलिस ने इस कार्रवाई में काफी सहयोग किया है. सुनील कुमार और कार्तिक राय दोनों ड्राइवर हैं. दोनों पुराने दोस्त हैं. आरोपित कार्तिक राय के पास से महिला का आइकार्ड, नेपाली सिम, महिला का झुमका बरामद किया गया है. इसके अलावा जिस बस में घटना को अंजाम दिया गया, उसे भी जब्त किया गया है.

आरोपित ड्राइवर भाग गया था कोलकाता

कार्तिक घटना के बाद कोलकाता भाग गया. वहां महिला के फोन व नेपाली करेंसी को बेच कर एक मोबाइल व सिम खरीदा. आरोपित लगातार मां से बात कर रहा था. कोलकाता से मोबाइल व सिम लेने के बाद अचानक लोकेशन हट गया. इसी दौरान फिर से नये नंबर से कार्तिक ने मां से बातचीत की, जिसके बाद पुलिस को पता चला कि वह समस्तीपुर आया हुआ है. वहां से कपड़ा लिया और बरौनी स्टेशन पहुंच गया. वह दुबारा कोलकाता भागने के लिए जैसे ही वह ट्रेन में सवार हुआ था कि रेल पुलिस व सेल की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. फिर उसकी निशानदेही पर सुनील को औरंगाबाद से पकड़ा गया.

बीएमपी जवानों को गांधी मैदान बस से छोड़ता था कार्तिक, बैठी रहती थी पीड़िता

मिली जानकारी के अनुसार कार्तिक जवानों को बीएमपी-1 से गांधी मैदान रोज छोड़ने व लाने जाता था. जब उसे जवानों को ले जाना या लाना रहता, तब वह पीड़िता को गांधी मैदान के बाहर गेट नंबर-5 के पास इंतजार करने को कहता था. उसके मोबाइल, रुपये वगैरह सब अपने पास रख लेता था. मंगलवार को भी ऐसा ही हुआ था. युवती बैठ कर गेट नंबर-5 के पास रो रही थी. इसी बीच परेड के लिए गांधी मैदान आये गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने लड़की को देखा. इसके बाद इसकी जानकारी गोरखा समाज समिति के अध्यक्ष सूरज थापा को दी. सूरज थापा युवती को अपने साथ लेकर कौशल नगर चले गये. उसे वहां अपने दफ्तर में रखा. समिति की दूसरी महिला सदस्य आयी, तो उसने युवती से पूछताछ की. तब उसने पूरी घटना की जानकारी दी.

युवती को बेचने के फिराक में था सुनील

सेंट्रल एसपी ने बताया कि दोनों आरोपित घटना के बाद साक्ष्य मिटाते हुए फरार हो गये थे. सुनील युवती को बेचने के फिराक में था. कार्तिक ने एक रात सुनील के पास युवती को रखा था. महिला ने दो दिनों तक पाटलिपुत्र स्टेशन पर रात गुजारी थी. कोई मददगार नहीं मिला था. तीन अगस्त की सुबह उसकी मुलाकात कार्तिक से हुई थी. उसी समय भीड़ के बीच उसे ट्रैप कर लिया गया. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि सौतेली मां, चाचा-चाची सब मिलकर मुझे प्रताड़ित कर रहे थे. घर सौतेली मां मुझे घर में रहने नहीं देती थी. कहती थी -विदेश जाओ और पैसा कमाकर भेजो, नहीं तो मारूंगी. ड्राइवर ने काम दिलाने के नाम पर बस में बैठा दिया. रेप के वक्त वो कहता था कि तुम्हारी नौकरी पक्की है. उसने रेप के बाद आश्वासन दिया कि दो दिन के बाद मालिक आयेंगे. फिर वो उसे काम पर लगवा देगा. लड़की ने बताया, वो नेपाल से सिलीगुड़ी आयी थी.

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