IGIMS Life Support: पटना सहित पूरे बिहार के सदर अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों को आधुनिक इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट और ट्रॉमा प्रबंधन की जानकारी देने के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट स्किल सेंटर में यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया.
20 जिलों के डॉक्टरों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के 20 जिलों के सदर अस्पतालों के चिकित्सकों ने भाग लिया. शुक्रवार को आयोजित समापन समारोह में आईजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने कहा कि इस प्रशिक्षण से चिकित्सक आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों का अधिक प्रभावी ढंग से उपचार कर सकेंगे. इससे सड़क दुर्घटना सहित अन्य गंभीर हादसों में घायल मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी.
हर दो-तीन महीने पर होता है प्रशिक्षण
एनईएलएस स्किल सेंटर के नोडल पदाधिकारी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्येक दो से तीन महीने के अंतराल पर आयोजित किया जाता है. इसमें मेडिकल कॉलेजों, सदर अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत चिकित्सकों को आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है.
आपातकालीन इलाज में बढ़ेगी दक्षता
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों को आधुनिक इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट तकनीक, ट्रॉमा प्रबंधन और गंभीर मरीजों के त्वरित उपचार से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया. इससे चिकित्सकों की व्यावहारिक दक्षता और निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी.
प्रशिक्षण से बेहतर होगी कार्यक्षमता
आईजीआईएमएस के अकादमिक डीन डॉ. ओम कुमार ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सकों की कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित चिकित्सक आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकेंगे.
प्रमाण पत्र वितरित
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, अररिया, बेगूसराय, औरंगाबाद, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, कैमूर, कटिहार, किशनगंज समेत 20 जिलों के चिकित्सक शामिल हुए. समापन समारोह में सभी प्रतिभागी चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया.
