Patna News : मसौढ़ी प्रखंड की शाहाबाद पंचायत के छाता गांव में पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए चिन्हित जमीन को लेकर गुरुवार को विवाद खड़ा हो गया. स्थानीय लोगों के विरोध के बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया. अब राजस्व अभिलेखों और सरकारी दस्तावेजों की जांच के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा.
विरोध के बाद मौके पर पहुंचा प्रशासन
निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान स्थानीय लोगों ने भूमि पर दावा जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया. सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, अंचलाधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा एहतियातन निर्माण कार्य रुकवा दिया.
मुखिया बोले- सरकारी आवंटन के आधार पर शुरू हुआ था निर्माण
पंचायत के मुखिया रवि प्रकाश ने बताया कि पंचायत सरकार भवन के लिए संबंधित भूमि का चयन और आवंटन सरकारी स्तर पर किया गया है. इसी आधार पर नापी के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया था. हालांकि कुछ लोगों ने जमीन पर अपना दावा करते हुए निर्माण का विरोध किया.
स्थानीय लोगों का दावा- सर्वे रिकॉर्ड में दर्ज है कब्रिस्तान
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि संबंधित भूखंड वर्ष 2022 के सर्वे रिकॉर्ड में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है. उनका कहना है कि पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए पास में दूसरी सरकारी जमीन उपलब्ध है और वहीं भवन बनाया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन को आवेदन देकर वैकल्पिक स्थल पर निर्माण कराने की मांग की गई थी.
अल्पसंख्यक आयोग के हस्तक्षेप के बाद रुका निर्माण
मामले में अल्पसंख्यक आयोग के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है. आयोग से जुड़े शमशाद शाह ने दोनों पक्षों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की.
दस्तावेजों की जांच के बाद होगा अंतिम फैसला
बीडीओ प्रभाकर कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से भूमि संबंधी अभिलेख और सरकारी आदेश मांगे गए हैं. राजस्व रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले का समाधान राजस्व अभिलेखों और सरकारी दस्तावेजों के आधार पर ही किया जाएगा.
