डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस करने से राेकने में डिटेक्टिव एजेंसी नाकाम

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) में डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने में डिटेक्टिव एजेंसी भी फेल हो गयी है. यही वजह है कि अब तक गठित एजेंसी एक भी डॉक्टरों को पकड़ नहीं पायी

2021 में जांच टीम तो 2024 में संस्थान प्रशासन की बैठक में बनी थी डिटेक्टिव टीम, लेकिन नहीं दी गयी सही रिपोर्ट संवाददाता, पटना इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) में डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने में डिटेक्टिव एजेंसी भी फेल हो गयी है. यही वजह है कि अब तक गठित एजेंसी एक भी डॉक्टरों को पकड़ नहीं पायी. सूत्र बताते हैं कि एजेंसी में शामिल सदस्यों की ओर से जांच तक नहीं की गयी है. नतीजतन संस्थान के कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो आज भी प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त हैं. कुछ डॉक्टर शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रैक्टिस कर रहे हैं, तो कुछ डॉक्टर पटना से बाहर जाकर निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं. जब संस्थान हुआ फेल तो प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी तक हुआ गठन : आइजीआइएमएस प्रशासन जब डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने में विफल हो गया तो स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ने प्राइवेट जांच एजेंसी का गठन किया. जानकारों की मानें तो 20 फरवरी 2021 को आयोजित बीओजी की बैठक में यह निर्णय लि���ा गया था. उस समय आइजीआइएमएस शासी समिति ने 15 दिन में निजी एजेंसी नियुक्त करने के बाद एक माह में रिपोर्ट देने को कहा था. लेकिन एजेंसी की ओर से कोई सही रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गयी. इतना ही नहीं चिकित्सकों की सेवा की समीक्षा, सेवा विस्तार एवं कार्रवाई के लिए फरवरी 2024 में मुख्य सतर्कता अधिकारी सह डीन डॉ ओम कुमार अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनायी गयी. बैठक में संस्थान की ओर से डिटेक्टिव एजेंसी के गठन की बात की गयी. लेकिन यह भी धरातल पर नहीं उर पायी. निजी प्रैक्टिस नहीं करें, इसलिए मिलती है बेसिक सैलरी की 25% अधिक राशि : आइजीआइएमएस में आ रहे मरीजों के इलाज में दिक्कत नहीं हो, इसे लेकर डाॅक्टरों को नाॅन प्रैक्टिसिंग अलाउंस भी मिलता है. यह उनकी बेसिक सैलरी की 25% होता है. जानकारों की मानें तो करीब 40 हजार के आसपास यह राशि अधिक दी जाती है. मार्च 2014 में सरकारी फ्लाइंग स्क्वायड ने आइजीआइएमएस के छह डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस में लिप्त होने के आरोप में पकड़ा था. मामला बीओजी में ले जाया गया और सेवाएं समाप्त करने की बात हुई थी. इन इलाकों में हो रही है प्राइवेट प्रैक्टिस : आइजीआइएमएस से सटे फ्रेंड्स कॉलोनी, फुलवारीशरीफ, बाजार समिति, राजेंद्र नगर ब्रिज स्थित सब्जी मार्केट के पास, पाटलिपुत्र कॉलोनी, बोरिंग रोड, राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, शेखपुरा, कदमकुआं, राजा बाजार और पटेल नगर में डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं.

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