यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग पर मनाया प्रतिवाद दिवस
आइसा-आरवाइए के नेतृत्व में कारगिल चौक पर यूजीसी गाइडलाइंस पर रोक लगाने के विरोध में देशव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया गया
By AMBER MD | Updated at :
संवाददाता, पटना
आइसा-आरवाइए के नेतृत्व में कारगिल चौक पर यूजीसी गाइडलाइंस पर रोक लगाने के विरोध में देशव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया गया. वहीं सभा को संबोधित करते हुए आइसा राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाना सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है. उच्च शिक्षा संस्थान लंबे समय से जातीय, सामाजिक और लैंगिक भेदभाव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. आरवाइए राज्य सह सचिव विनय कुमार व आइसा राज्य सह सचिव कुमार दिव्यम ने संयुक्त बयान जारी कर हुए कहा की भेदभाव और उत्पीड़न पर अंकुश लगाने की दिशा में सकारात्मक कदम यूजीसी एक्ट 2026 लाया गया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट का इस मामले में रोक लगाना शिक्षा परिसरों में पहले से मौजूद असमानताओं को बढ़ावा देना है. केंद्र सरकार और न्यायपालिका इस निर्णय पर पुनर्विचार करें. आइसा नेत्री सबा ने कहा कि रोहित वेमुला, पायल तड़वी और दर्शन सोलंकी सहित अनेक विद्यार्थियों की मौत यह स्पष्ट करती हैं कि संस्थानों में भेदभाव संस्थागत उत्पीड़न का परिणाम है. आइसा-आरवाइए ने मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार तत्काल प्रभाव से एक मजबूत और प्रभावी रोहित वेमुला एक्ट लागू करे ताकि भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों में स्पष्ट जवाबदेही तय हो सके. साथ ही यूजीसी गाइडलाइंस को और अधिक सख्त, स्पष्ट और प्रभावी बनाकर बिना देरी के लागू किया जाये. पटना ग्रामीण आरवाईए सचिव मिथिलेश कुमार, रौशन कुमार, नितीश कुमार, ऋषि, शशि रंजन, हरेंद्र दास, सुजीत कुमार, मनोज, सुमित पासवान, सुमित, अभिषेक कुमार, दीपू, रणविजय कुमार, धीरज कुमार, रंजन कुमार, ललन कुमार आइसा-आरवाईए के सदस्य मौजूद रहे.