पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
दानापुर अनुमंडल में मानसून सक्रिय हो चुका है, लेकिन नगर परिषद की तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं. शहर के कई इलाकों में खुले नालों पर अब तक न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं. बारिश के कारण नालों का पानी सड़कों पर फैलने से सड़क और नाले के बीच का अंतर खत्म हो गया है, जिससे बाइक, ई-रिक्शा और पैदल चलने वालों के नाले में गिरने का खतरा बढ़ गया है.
एसडीओ के निर्देश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष इस समस्या की शिकायत की जाती है, लेकिन समय रहते सुरक्षा के उपाय नहीं किए जाते. नगर परिषद कार्यालय से कुछ ही दूरी पर पंचशील नगर वार्ड 21 और 35 की सीमा पर स्थित बड़ा खुला नाला बारिश के दौरान पूरी तरह पानी से भर जाता है. लोगों का आरोप है कि तत्कालीन नगर परिषद ईओ पंकज कुमार और एसडीओ सह प्रभारी नगर परिषद प्रशासक अनिरुद्ध पांडेय ने भी खुले नालों पर बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक उसका पालन नहीं हुआ.
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले वर्ष इसी खुले नाले में गिरकर आधा दर्जन लोग घायल हुए थे. हाल के दिनों में भी दो लोग नाले में गिरकर जख्मी हो चुके हैं. इसके बावजूद न तो आरसीसी नाले का निर्माण कराया गया और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई. लोगों का कहना है कि जिन स्थानों पर इसकी अधिक आवश्यकता नहीं थी, वहां निर्माण कार्य करा दिया गया, जबकि सबसे संवेदनशील स्थान आज भी उपेक्षित हैं.
शहर के कई इलाकों में खुले पड़े हैं नाले
सुल्तानपुर आरा मशीन, पुलिस चौकी, झखड़ी महादेव मंदिर रोड सहित शहर के कई हिस्सों में खुले नाले लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं. बारिश के दौरान इन इलाकों में जलजमाव होने से सड़क और नाले की पहचान करना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सबसे अधिक खतरा बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को रहता है.
जलजमाव से बढ़ रही दुर्घटनाओं की आशंका
बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर जाता है. जलजमाव के कारण खुले नाले दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है. पूर्व में भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों को गंभीर चोटें आई हैं. नागरिकों ने नगर परिषद से तत्काल बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है.
जल्द बैरिकेडिंग कराने का दावा
एसडीओ सह प्रभारी नगर परिषद प्रशासक अनिरुद्ध पांडेय ने बताया कि मानसून को देखते हुए खुले नालों पर बैरिकेडिंग कराने का सख्त निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
