पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को ट्वीट कर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे एवं सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है. सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में कहा है कि केंद्र सरकार, रेलवे और बिहार सरकार के बीच बेहतर तालमेल से हजारों प्रवासी छात्रों-श्रमिकों की घर वापसी यात्रा सुखद हो गयी. लोगों का लौटना जारी है. लाखों चेहरों पर चमक लौटी. तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए सुशील मोदी ने आगे कहा कि जो बड़बोले लोग पचासों बसें या 2000 ट्रेनों का किराया भरने के दावे कर रहे थे, उन्हें अब बची धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर देनी चाहिए.
सुशील मोदी ने कहा कि बिहार से बाहर फंसे छात्रों-मजदूरों को विशेष ट्रेनों के जरिये सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से लाने का प्रयास सफल होने पर जिनकी छाती फटने लगी, वे मजदूरों से किराया वसूलने का झूठा मुद्दा उठाने लगे. रेलवे और बिहार सरकार ने किराये के पैसे चुकाये. उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस और उसकी गठबंधन सरकार वाले राज्यों ने मजदूरों से किराये वसूले, उसकी प्रमुख सोनिया गांधी ने मजदूरों का किराया पार्टी फंड से चुकाने की बात कह कर देश को गुमराह किया. उन्होंने फिर ‘त्याग-परोपकार की मूर्ति’ बनने का केवल नाटक किया.
उपमुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि लॉकडाउन में फंसे मजदूरों-छात्रों से किराया वसूलने के झूठे आरोप पर टुकड़े-टुकड़े गैंग और यूपीए समर्थकों ने न केवल बयानबाजी की, बल्कि केंद्र सरकार को बदनाम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गये. माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में प्रशांत भूषण की याचिका खारिज कर करारा झटका दिया.
कोरोना से खिलाफ जंग के बीच ओछी राजनीति से बाज आयें तेजस्वी : निखिल
वहीं, जदयू के प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में नीतीश सरकार पूरी तरह से मुस्तैद है. हम चाहते हैं कि इस आपदा की घड़ी का सामना पूरा बिहार एक परिवार की तरह एकजुट होकर करे. यह राजनीतिक लड़ाई का वक्त नहीं है. यह मिलकर बिहार के लोगों की रक्षा करने का वक्त है. जिनके पास जो भी सुझाव है, उसे सरकार के साथ साझा करना चाहिए. सरकार ने सबको साथ लेकर चलने के मकसद से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सर्वदलीय बैठक बुलाई थी.
उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में दिल्ली में बैठे राजद के नेता तेजस्वी यादव से मैंने भी अपील किया था कि वे ट्विटर राजनीति से थोड़ा समय निकालकर इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी शामिल हों. उनको राज्य सरकार के कार्यों की जानकारी भी मिलेगी और अगर उनके पास कोई सलाह है, तो उस पर विचार भी किया जायेगा.
निखिल मंडल ने तेजस्वी यादव से अपील की है कि वे अफवाह फैलाने की राजनीति छोड़कर सरकार के प्रयासों में मदद करें. नीतीश कुमार के साथ उन्होंने सरकार में काम किया है. उन्होंने सरकार के कामकाज के तरीके, उसकी प्रक्रियाओं के बारे में अवश्य सीखा होगा. लेकिन जिस तरह से वे तथ्यों से परे सिर्फ अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि उन्हें सरकारी प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं है. वे तथ्यों के परे निराधारा आरोप लगाने को ही राजनीति समझते हैं. कम से कम इस आपदा की घड़ी में उन्हें इस ओछी राजनीति से बाज आना चाहिए.
