यादव और मुसलमान समाज के लोगों का व्यक्तिगत काम नहीं करेंगे: देवेश चंद्र ठाकुर

यादव और मुसलमान समाज के लोगों का व्यक्तिगत काम नहीं करेंगे: देवेश चंद्र ठाकुर

सीतामढ़ी से सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे यादव और मुसलमान समाज के लोगों का व्यक्तिगत काम नहीं करेंगे. यदि कोई सार्वजनिक काम होगा और कहा जायेगा तो करेंगे. उन्होंने कहा है कि यादव और मुसलमान समाज के लोगों ने लोकसभा चुनाव में उनको चार आना भी वोट नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इन समाज के लोग आयें चाय पीयें, मिठाई खायें और जायें, लेकिन व्यक्तिगत काम नहीं करेंगे. इसके साथ ही देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा है कि कुशवाहा समाज के सात लोगों को लालू प्रसाद ने टिकट दिया तो कुशवाहा समाज के लोग खुश हो गये. ऐसे में कुशवाहा समाज के लोगों को भी अपना काम करवाने के लिए उन्हीं सात उम्मीदवारों या लालू प्रसाद के पास जाना चाहिये.

देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा है कि सार्वजनिक काम करना हर आदमी का धर्म है. यह वे पिछले 25 साल से करते आये हैं. व्यक्तिगत काम करवाने वाले यह सोचकर आते हैं कि वे हमारे जनप्रतिनिधि हैं, उनका काम मैंने करवाया, लेकिन चुनाव के समय मेरे तीर छाप पर इन दोनों समाज के लोगों को नरेंद्र मोदी दिखने लगे.

दोनों समाज के लोगों से दोस्ती बरकरार है. मेरी रोटी राजनीति से नहीं मिलती है. मैं हर धर्म का सम्मान करता हूं. मेरे सीतामढ़ी के निजी आवास के कंपाउंड वाल पर ओम का चिह्न, बीच में क्रॉस और फिर बिस्मिल्लाह राम ए रहीम लिखा है. जब काम करना है तो इकतरफा कैसे चलेगा. जिंदगी में पहली बार उनके पास पहुंचा था. देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि यादव और मुसलमान समाज की मानसिकता पर सवालिया प्रश्न उठा रहा हूं. लालू प्रसाद बड़े नेता हैं, तेजस्वी यादव बड़े नेता हैं उन दोनों का सम्मान करता हूं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >