55 लाख मतदाताओं के नाम काटने की साजिश में सत्ता पक्ष की भूमिका स्पष्ट :तेजस्वी यादव

महागठबंधन के विधायकों की मौजूदगी में बुधवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि मतदाता पुनरीक्षण जैसे अहम मसले पर हो रही चर्चा में सत्ता पक्ष की तरफ से गंभीरता नहीं दिखायी जा रही है.

–बहस के दौरान मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप आश्चर्यजनक

संवाददाता,पटना

महागठबंधन के विधायकों की मौजूदगी में बुधवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि मतदाता पुनरीक्षण जैसे अहम मसले पर हो रही चर्चा में सत्ता पक्ष की तरफ से गंभीरता नहीं दिखायी जा रही है. ये सत्ता पक्ष की तरफ से मामले को भटकाने का प्रयास है. ये लोग नहीं चाहते हैं कि मतदाताओं के मताधिकार पर चर्चा हो. कहा कि बिहार में 55 लाख के करीब वोट काटने का साजिश चल रही है.

तेजस्वी ने कहा कि इसमें सत्तापक्ष की भूमिका स्पष्ट हो चुकी है. आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर कार्य कर रहा है. इन्हें अहसास नहीं है कि जनता की प्रतिक्रिया क्या होगी? तेजस्वी ने कहा कि सरकार में बैठे हुए लोग वोटर चुन रहे हैं, जबकि लोकतंत्र में वोटर सरकार चुनते हैं.

उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से मैं जब सदन में अपनी बात रख रहा था, तब जिस तरह से उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और मंत्रीगण हल्की बातें कर रहे थे, उससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है. मेरे बोलने के दौरान मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप आश्चर्यजनक था. कहा कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दिया है, उसमें कहीं भी घुसपैठिए की बात नहीं की है. न ही भाजपा के किसी बीएलए ने इस तरह की बातों की कोई शिकायत की है. फिर अनर्गल बातें क्यों?

उपमुख्यमंत्री को बताया खुरापाती , भाई वीरेंद्र का किया बचाव

तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को खुरापाती बताया. साथ ही कहा कि भाई वीरेंद्र ने ठीक ही कहा है. उनकी कोई गलती नहीं थी. उपमुख्यमंत्री कौन होते हैं सदन को चलाने की बात कहने वाले. उपमुख्यमंत्री को इस तरह की भाषा के लिए फटकार भी सुननी पड़ी है.

सत्ता पक्ष का रवैया हसुआ के बियाह में खुरपी के गीत जैसा: राजेश राम

इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि आज सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी को बोलने का मौका मिला , तो ऐसा लगा कि सत्ता पक्ष मुद्दे को भटकाने के लिए जानबूझकर माहौल तैयार किया. उन्होंने बताया कि यहां सत्ता पक्ष ने एक कहावत कि ””””हसुआ के बियाह में खुरपी”””” का गीत गाया. ऐसा मुद्दे की बात से ध्यान हटाने के लिए ऐसा किया गया.

एसआइआर लोकतंत्र के अस्तित्व को खत्म करने की साजिश : महबूब आलम

सीपीआइ एमएल के महबूब आलम ने कहा कि एसआइआर लोकतंत्र के अस्तित्व को खत्म करने की साजिश है. सीपीआइ एम के अजय कुमार ने कहा कि एसआइआर के नाम पर नागरिक अधिकार छीनने की स��जिश चल रही है, जबकि इस तरह का काम गृह मंत्रालय के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है. सीपीआइ के विधायक दल के नेता सूर्यकांत पासवान ने कहा कि बोलने और वोट देने के अधिकार को कुचला जा रहा है.

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Published by: Rakesh ranjan

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