कर्मचारियों पर अनुशानिक कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया करें पूरी

राज्यकर्मियों के निलंबन को लेकर प्रत्यायुक्त विधान समिति की रिपोर्ट आने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग भी इसको लेकर सक्रिय हो गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को इसको लेकर निर्देश जारी किया है.

राज्यकर्मियों के निलंबन को लेकर प्रत्यायुक्त विधान समिति की रिपोर्ट के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया निर्देश संवाददाता,पटना राज्यकर्मियों के निलंबन को लेकर प्रत्यायुक्त विधान समिति की रिपोर्ट आने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग भी इसको लेकर सक्रिय हो गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को इसको लेकर निर्देश जारी किया है. इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कर्मचारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया को पूरी करें. दरसअल,बिहार सरकार के कर्मचारयों के निलंबन, आरोप पत्र का गठन तथा अनुशासनिक कार्रवाई के ससमय संचालन की विस्तृत समीक्षा सप्तदश बिहार विधानसभा की प्रत्यायुक्त विधान समिति द्वारा की गयी है. इसके आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अनुशंसाएं की गयी हैं. विभाग ने स्पष्ट कहा कि निलंबन के मामले में निर्धारित समयावधि के अंदर यदि कार्रवाई संपन्न नहीं होती है, तो उसके लिए संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाये. प्रपत्र ””””क”””” गठित करने से पहले विहित प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये. प्रत्यायुक्त विधान समिति की रिपोर्ट में क्या है उल्लेख विधानसभा की समिति की जांच में राज्यकर्मियों के निलंबन को लेकर काफी चौंकाने वाले मामले सामने आये हैं. यही नहीं वेटिंग फॉर पोस्टिंग और विभागीय कार्रवाई को लेकर भी विभाग और जिले सरकारी निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं. पद रिक्त होने के बाद भी कर्मियों को विभाग में बैठाकर रखा जाता है. ऐसा तब है जब राज्य सरकार राज्यकर्मियों को प्रोत्साहन देने के लिए हर स्तर पर लगातार और सकारात्मक प्रयास कर रही है.रिपोर्ट में उसने एक अप्रैल, 2022 से 31 जुलाई, 2023 के बीच का अध्ययन किया. इस आधार पर उसने देखा कि नियमित समीक्षा के बावजूद 33 विभागों में निर्धारित अवधि से अधिक समय से निलंबित कर्मियों की कुल संख्या 40 फीसदी है. यहां निलंबित कर्मियों की संख्या 362 थी , जिनमें 144 कर्मी निर्धारित अवधि से अधिक समय से निलंबित हैं. इसी तरह 33 जिलों में निलंबित कर्मियों की संख्या 124 थी, जिनमें 47 निर्धारित अवधि से अधिक समय से निलंबित हैं.इसी तरह वेटिंग फॉर पोस्टिंग में 171 कर्मचारी बैठे थे.विभागों में 154 कर्मियों के विरुद्ध प्रपत्र क गठित था, जबकि जिलों में ऐसे कर्मियों की संख्या 390 है. इन विभागों में निलंबन के सर्वाधिक मामले गृह विभाग: 144 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध: 87 एससी-एसटी कल्याण: 33 पथ निर्माण: 20 जल संसाधन: 19

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