सीएनएलयू और ग्रीनएआई सर्विसेज के बीच समझौता, कानूनी शिक्षा में एआई को मिलेगा बढ़ावा

Patna News : सीएनएलयू और ग्रीनएआई सर्विसेज दोनों संस्थान क्षमता निर्माण, तकनीकी विकास और कानूनी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे.

पटना से अमृता सिंह की रिपोर्ट
Patna News : चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (सीएनएलयू), पटना ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और लीगल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कोलकाता की ग्रीनएआई सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा.इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान कानूनी शिक्षा, शोध और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे.

सहयोग शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नया अवसर मिलेगा

समझौते के अनुसार कानूनी दस्तावेजों और न्यायिक फैसलों के विश्लेषण, भाषा आधारित तकनीकी समाधान, मल्टीमॉडल डाटा प्रोसेसिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) तथा लीगल टेक्नोलॉजी से जुड़े विभिन्न विषयों पर संयुक्त शोध परियोजनाएं चलाई जाएंगी. सीएनएलयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) फैजान मुस्तफा ने कहा कि यह सहयोग शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगा. उन्होंने बताया कि दोनों संस्थान क्षमता निर्माण, तकनीकी विकास और कानूनी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे.

शोध प्रकाशनों का आदान-प्रदान भी होगा

समझौते के तहत दोनों संस्थान अपने संसाधन, विशेषज्ञता और सुविधाएं साझा करेंगे. शोधार्थियों और विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से मार्गदर्शन दिया जाएगा तथा शैक्षणिक सामग्री और शोध प्रकाशनों का आदान-प्रदान भी होगा. सहयोग से प्राप्त निष्कर्षों को अकादमिक प्रकाशनों और उद्योग रिपोर्टों के माध्यम से साझा किया जाएगा.

इसके अलावा सीएनएलयू और ग्रीनएआई मिलकर लीगल टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, अपस्किलिंग कार्यक्रम और क्षमता निर्माण कोर्स भी शुरू करेंगे. इन पाठ्यक्रमों में सीएनएलयू प्रमाणपत्र प्रदान करेगा, जबकि ग्रीनएआई तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगी.

दोनों संस्थान एआई के उपयोग को बढ़ावा देंगे

ग्रीनएआई सर्विसेज के प्रबंध निदेशक सुब्रत मित्रा ने कहा कि यह साझेदारी सीएनएलयू की कानूनी विशेषज्ञता और ग्रीनएआई की तकनीकी क्षमताओं को एक मंच पर लाएगी. उन्होंने कहा कि दोनों संस्थान मिलकर भारतीय भाषाओं पर आधारित कानूनी संसाधन विकसित करेंगे और कानूनी क्षेत्र में एआई के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह समझौता कानूनी शिक्षा, शोध और तकनीक के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.

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By Rajeev Kumar

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मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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