चिराग की पार्टी को BJP से खतरा! पप्पू यादव के बयान से मची खलबली

Bihar Politics: पप्पू यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चिराग पासवान की पार्टी को समाप्त करने की तैयारी चल रही है. बिहार में बीजेपी सहयोगी दलों के बिना कुछ नहीं है.

Bihar Politics: पप्पू यादव ने चिराग पासवान के बिहार आने की भूमिका के बारे में कहा कि उनको भाजपा ने हनुमान कहकर यूज किया है. पप्पू यादव ने कहा, “चिराग के परिवार को भी तोड़ने का काम किया है. जेडीयू के बड़े नेता बीजेपी से मिले हुए हैं और चिराग पासवान की पार्टी को खत्म करना चाहते हैं. बीजेपी एससी-एसटी को गुलाम के तौर पर देखना चाहती है.” पप्पू यादव के इस दावे पर अभी तक बीजेपी और एलजेपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

महागठबंधन में सीएम पद के लिए कोई मारकाट नहीं

पूर्णिया सांसद ने कहा, “हमारे गठबंधन मे कोई मार काट नहीं है. बीजेपी वाले जीतन मांझी और चिराग पासवान को परेशान करते रहते हैं. बीजेपी की सहयोगी दलों के बिना कोई औकात नहीं है. ये दिन भर कांग्रेस और राहुल गांधी के नाम की माला जपते रहते हैं. नीतीश कुमार के बगैर बीजेपी की कोई औकात नहीं है ये शून्य पर चले जाएंगे. सबसे पहले बाला साहेब ठाकरे से बीजेपी पैदा हुई. वो नहीं होते तो यह पार्टी अस्तित्व में ही नहीं आती. हमारे यहां सीएम फाइनल है. चुनाव के बाद चुन लिया जायेगा.”

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किस वर्ग का होगा सीएम

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में सीएम का चेहरा अभी भी पूरे तौर पर क्लियर नहीं किया गया है. कांग्रेस और राजद इस मुद्दे पर एक मत नहीं है. इसी बीच निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “यह गठबंधन का आंतरिक मामला है और सीएम फेस को लेकर किसी भी प्रकार की दुविधा नहीं है और ना ही कोई खींचतान है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में तय है कि यहां एससी, एसटी या ईबीसी से ही मुख्यमंत्री बनेगा.”

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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