नेताजी सुभाष चंद्र आवासीय छात्रावास में अब कक्षा 9वीं और 12वीं के बच्चे भी करेंगे पढ़ाई

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में अब कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को रहने और पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा.

-मैट्रिक की बोर्ड परीक्षा में भी होंगे शामिल, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने दी अनुमति

संवाददाता, पटना

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में अब कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को रहने और पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा. इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ ही मैट्रिक की बोर्ड परीक्षा में शामिल किया जायेगा.

जिले में यह छात्रावास अशोक राजपथ स्थित टीके घोष एकेडमी और गर्दनीबाग स्थित पटना हाइस्कूल में संचालित किया जा रहा है. इन दोनों छात्रावास में कक्षा एक से आठवीं के 100 बच्चों के रहने की व्यवस्था है. लेकिन अब कक्षा 9वीं और 10वीं में भी 100 बच्चों के रहने की व्यवस्था की गयी है. यहां नये सत्र 2025-26 से एडमिशन की शुरुआत कर दी गयी है. नये सत्र में कक्षा एक से आठवीं में 100 बच्चों का नामांकन पूरा कर लिया गया है. वहीं कक्षा 9वीं से 10वीं में नामांकन जारी है. पटना के अलावा राज्य में इस तरह के कुल 15 छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं. यह छात्रावास जमुई, नवादा, औरंगाबाद, बांका, गया, मुजफ्फरपुर में संचालित हो रहा है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने इसके लिए अनुमति प्रदान की है. अब तक कक्षा एक से आठवीं के ही आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने की व्यवस्था थी. यहां अब कक्षा 9वीं और 10वीं में बच्चों के नामांकन की अनुमति प्रदान की गयी है. प्रत्येक छात्रावास में कक्षा एक से 10वी में 200 छात्र रहकर पढ़ाई करेंगे. इस छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क पढ़ाई के साथ ही रहने, खाने, पोशाक, कपड़ा, जूता, सहित अन्य सुविधाएं निशुल्क मुहैया करायी जाती हैं.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में इन बच्चों का होता है नामांकन

-अनाथ या एकल अभिभावक वाले बच्चे

-शहरी अभिवंचित

-नक्सली गतिविधियों में मारे गये माता-पिता के बच्चे

-भिक्षावृत्ति करने वाले अभिभावक के बच्चे

-विभिन्न सेक्टर में मजदूरी करने वालों के बच्चे

-होटल गैरेज में काम करने वाले बच्चे

-मानव तस्करी गतिविधियों से प्रभावित बच्चे

-अनुसूचित जाति व जनजाति के बीपीएल परिवार के बच्चे

-प्रवास के दौरान दूसरे राज्यों में जाने वाले अभिभावकों के बच्चे या दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी बच्चे

-कोविड काल में माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ बच्चे

शहर के टीके घोष एकेडमी में नामांकित बच्चों की संख्या

विवरणी – नामांकित बच्चों की संख्या

ऐसे बच्चे जिनके पिता नहीं – 12

ऐसे बच्चे जिनके माता नहीं -3

ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं-6

ईंट-भट्टे में काम करने वाले -7

भौगोलिक व सामाजिक रूढ़िवादिता से प्रभावित बच्चे -26

बाल श्रम से मुक्त बच्चे -2

गलत धंधे में संलिप्त बच्चे -2

अन्य बच्चे – 38

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