वायु-प्रदूषण के हॉट-स्पॉट की पहचान के लिए लगाया जायेगा सीएएक्यूएमएस स्टेशन

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु-प्रदूषण की पहचान के लिए सीएएक्यूएमएस मशीन लगाने का निर्णय लिया है.

संवाददाता, पटना बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु-प्रदूषण की पहचान के लिए सीएएक्यूएमएस मशीन लगाने का निर्णय लिया है. प्रदूषण बोर्ड के वायु प्रदूषण नियंत्रण विशेषज्ञों ने बताया कि एनकैप योजना के अंतर्गत प्रदेश के तीन शहर पटना,गया, हाजीपुर को नॉन अटेनमेंट शहर में शामिल किया गया है. इस योजना के तहत सबसे पहले इन शहरों में वायु प्रदूषण के मुख्य हॉट-स्पॉट की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. जिसके लिए सीएएक्यूएमएस स्टेशन मशीन को लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. ताकि शहर की हवा में प्रदूषण फैलाना वाले प्रमुख हॉट-स्पॉट का पहचान कर इसपर तुरंत कार्रवाई की जा सके. जानकारी के अनुसार हर साल 15 अक्टूबर के बाद से प्रदेश में हवा का रुख बदलते ही वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है. काला धुंआ निकलने वाले स्रोतों पर रखी जायेगी विशेष निगरानी वायु प्रदूषण नियंत्रण विशेषज्ञ ने बताया कि काला धुंआ निकलने वाले स्रोतों पर विशेष तौर पर निगरानी रखी जायेगी. कई शहरों में नयी सड़क का निर्माण या मरम्मत के लिए अलकतरा जलने के दौरान काला धुंआ का उत्सर्जन अधिक हाेता है. यह धुंआ मानव शरीर में प्रवेश करके कई गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है. सीएएक्यूएमएस मशीन के जरिये इसकी पहचान करना अति-आवश्यक है. प्रदेश के 23 जिलों में लगा है, 35 एक्यूआइ स्टेशन प्रदेश के 23 जिलों में 35 एक्यूआइ स्टेशन पहले से ही इंस्टॉल कर दिया गया है. जिसमें सबसे अधिक राजधानी में छह जगहों पर लगाया गया है. शहर के तारामंडल, राजबंशीनगर, गांधी मैदान, शिकारपुर, दानापुर, समनपुरा में भी एक्यूआइ स्टेशन पहले से ही लगा हुआ है.

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Published by: Durgesh kumar

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