बीपीएससी टीआरई-4 में बड़ा बदलाव, अब 38 जिलों का विकल्प भरना होगा जरूरी, वजह जानिए

BPSC TRE4 Teacher Recruitment: बीपीएससी टीआरई-4 शिक्षक भर्ती में इस बार कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अब अभ्यर्थियों को 38 जिलों का विकल्प भरना होगा और मेरिट के आधार पर जिला मिलेगा. 46882 पदों पर भर्ती होगी. कम विकल्प भरने पर चयन से बाहर होने का खतरा रहेगा, इसलिए आवेदन में सावधानी जरूरी है.

BPSC TRE4 Teacher Recruitment: बिहार में बीपीएससी जल्द ही शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (टीआरई-4) का विज्ञापन जारी करने जा रहा है. इस बार भर्ती प्रक्रिया में कई अहम बदलाव किए गए हैं. इसके साथ ही नया विज्ञापन जारी होगा. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इस बार पदों की रिक्तियां जिलावार निकाली जाएंगी. अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के आधार पर जिला आवंटित किया जाएगा. आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अब सिर्फ तीन नहीं, बल्कि राज्य के सभी 38 जिलों का विकल्प भरने का मौका मिलेगा.

आयोग ने क्या बताया

आयोग की ओर से साफ कहा गया है कि जो अभ्यर्थी जिला विकल्प नहीं भरेंगे, उनका चयन किसी भी जिले के लिए नहीं किया जाएगा. इसलिए आवेदन भरते समय पूरी सावधानी बरतनी जरूरी है. छोटी गलती भी उम्मीदवारों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है. मेरिट सूची के आधार पर ही उम्मीदवारों को जिला दिया जाएगा और इसमें आरक्षण रोस्टर का भी पालन किया जाएगा. जिस जिले में जितनी रिक्तियां होंगी, उसी हिसाब से मेरिट के अनुसार उम्मीदवारों का चयन होगा. बाकी नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे.

बदलाव पर बनी सहमति

इस बार एक और बड़ा बदलाव यह है कि अल्फाबेट आधारित सिस्टम को हटाने की तैयारी की गई है. इसका मकसद भविष्य में तबादले से जुड़ी समस्याओं को कम करना है. जिस अभ्यर्थी को जो जिला मिलेगा, उसे वहीं नौकरी करनी होगी और तुरंत तबादले की सुविधा नहीं मिलेगी. इस विषय पर हाल ही में शिक्षा विभाग और आयोग के बीच बैठक हुई थी. इसमें इन बदलावों पर सहमति बनी है.

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राजेश सिंह ने क्या सलाह दी

एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि चौथे चरण में कुल 46882 पदों पर भर्ती होगी. इसमें शिक्षा विभाग के साथ-साथ अल्पसंख्यक कल्याण और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के पद भी शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया 25 अप्रैल के बाद शुरू होगी. इस बार आवेदन करते समय ही जिलों का ऑप्शन भरना अनिवार्य होगा. अगर कोई अभ्यर्थी कम जिलों का चयन करता है तो उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है. अगर किसी उम्मीदवार ने 20 जिलों का विकल्प भरा है और मेरिट के अनुसार उसे 21वां जिला मिल रहा है, लेकिन उसने उसे नहीं चुना है, तो उसे कोई जिला आवंटित नहीं किया जाएगा.

इसी वजह से अभ्यर्थियों को सभी 38 जिलों का विकल्प भरने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें चयन में किसी तरह की परेशानी न हो और वे किसी भी जिले में अपनी मेरिट के अनुसार नियुक्ति पा सकें.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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