Bihar Tourism: बिहार सरकार ने वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ योजना के तहत बिहार को वर्ल्ड टूरिज्म मैप पर शीर्ष पर लाने की तैयारी पूरी कर ली है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में गया, रोहतास और वैशाली जैसे ऐतिहासिक केंद्रों के कायाकल्प का मास्टर प्लान पेश किया.
अब इन जगहों पर केवल स्थानीय सुविधाएं नहीं, बल्कि इंटरनेशनल टूरिस्ट्स की पसंद और जरूरत के हिसाब से लग्जरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा.
इवैल्यूएशन मैट्रिक्स से मापी जाएगी गया और वैशाली की भव्यता
टूरिज्म विभाग ने इन स्थलों के लिए एक खास इवैल्यूएशन मैट्रिक्स तैयार किया है, जिसके तहत इनकी ऐतिहासिक और धार्मिक विशिष्टता को स्कोर दिया गया है. गया और बोधगया को उनकी वैश्विक महत्ता के कारण उच्चतम रैंकिंग मिली है.
सरकार का मुख्य ध्यान अब डिजिटल बुनियादी ढांचे और लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर है, ताकि दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले पर्यटक को इन स्थलों तक पहुंचने और वहां रुकने में कोई परेशानी न हो. नागरिक सुविधाओं को सात-सितारा मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने की तैयारी है.
टूरिज्म को उद्योग का दर्जा
मुख्य सचिव ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पर्यटन विभाग को निर्देश दिया है कि बिहार में पर्यटन को ‘उद्योग के दर्जे’ की अधिसूचना जल्द से जल्द प्रभावी ढंग से लागू की जाए. इस फैसले से न केवल निजी क्षेत्र के बड़े निवेशकों के लिए रास्ते खुलेंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे. सरकार पीपीपी (PPP) मॉडल के जरिए इन पर्यटन केंद्रों में फाइव स्टार होटल्स, एक्टिविटी पार्क और विश्व स्तरीय सूचना केंद्र स्थापित करने पर जोर दे रही है.
वैष्णो देवी मॉडल पर होगा विकास
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि गया, रोहतास और वैशाली का विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने अधिकारियों को सफल पर्यटन मॉडलों का अध्ययन करने और केंद्र सरकार द्वारा फंडेड प्रोजेक्ट के दस्तावेजों को समय पर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है.
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