Women Reservation Bill: सोमवार को पटना में एनडीए की महिला कार्यकर्ताओं ने बड़ा प्रदर्शन किया. गांधी मैदान से लेकर कारगिल चौक तक आक्रोश मार्च निकाला गया. सभी महिलाएं ‘हम भारत की नारी हैं, राजद-कांग्रेस पर भारी हैं’, लिखा पोस्टर लेकर पटना की सड़कों पर उतरीं थीं. इसके बाद जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित हुआ, जहां मंच से सत्ताधारी नेताओं ने विपक्ष को घेरा.
‘परिवारवाद तक सीमित है विपक्ष’
सभा को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि विपक्षी दल नहीं चाहते कि गरीब और सामान्य परिवार की महिलाएं सदन तक पहुंचें. उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, लालू यादव, मिसा भारती, अखिलेश यादव और डिंपल यादव का जिक्र करते हुए कहा कि ये दल सिर्फ अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं.
नारी शक्ति वंदन विधेयक पर सियासत
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन विधेयक विपक्ष की वजह से पारित नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि अगर यह बिल पास हो जाता तो बिहार में आने वाले चुनावों में सैकड़ों महिलाएं विधायक बन सकती थीं.
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‘गरीब महिलाओं के लिए सिर्फ मोदी ने सोचा’
सम्राट चौधरी ने कहा कि देश की गरीब महिलाओं के लिए वास्तविक सोच केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाई है. बाकी दलों ने सिर्फ अपने राजनीतिक हित साधे हैं. उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस मुद्दे को जन आंदोलन बनाएं.
बिहार मॉडल का जिक्र
सीएम ने कहा कि बिहार में पंचायत और नगर निकाय चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, लेकिन आज 59 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधि महिलाएं हैं. इसके बावजूद विपक्ष ने महिलाओं के साथ ‘धोखा’ किया है. अपने भाषण के अंत में सम्राट चौधरी ने महिलाओं से कहा कि वे इस आक्रोश को ज्वाला में बदलें और ऐसे दलों के खिलाफ आवाज उठाएं जो उन्हें उनका हक नहीं देना चाहते.
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