भितिहरवा आश्रम पहुंचे मनोज वाजपेयी, बालिकाओं की शिक्षा और ग्रामीण पहल की जमकर तारीफ

Bihar News: बिहार दौरे पर पहुंचे अभिनेता मनोज वाजपेयी ने सोमवार को बेतिया स्थित भितिहरवा आश्रम का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने यहां चल रही बालिकाओं की कौशल शिक्षा और ग्रामीण विकास की गतिविधियों का जायजा लिया और उनके प्रभाव को सराहा.

Bihar News: बॉलीवुड अभिनेता और बिहार की शान मनोज वाजपेयी सोमवार को चंपारण की ऐतिहासिक धरती पर कदम रखते ही उस विरासत को नमन किया, जहां से महात्मा गांधी ने सत्याग्रह की मशाल जलाई थी.

भितिहरवा आश्रम पहुंचे मनोज वाजपेयी ने न केवल गांधीजी के आदर्शों को याद किया, बल्कि वहां चल रहे आधुनिक बदलावों को देखकर गदगद हो गए. ग्लैमर की दुनिया से दूर, खादी और सादगी के बीच उनकी मौजूदगी ने स्थानीय लोगों और युवाओं में एक नया जोश भर दिया है.

साल पहले लगाया था पौधा

मनोज वाजपेयी की यह यात्रा केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें एक गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव भी दिखा. करीब दो साल पहले उन्होंने भितिहरवा आश्रम जीवन कौशल ट्रस्ट परिसर में एक रुद्राक्ष का पौधा रोपा था.

आज जब उन्होंने उस नन्हे पौधे को लहलहाते हुए देखा, तो उनके चेहरे पर संतोष की लहर दौड़ गई. उन्होंने बड़े चाव से पौधे की देखभाल के बारे में जानकारी ली और कहा कि प्रकृति और परंपरा का यह मेल ही भविष्य की नींव है. अभिनेता ने भितिहरवा आश्रम जीवन कौशल ट्रस्ट की गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया और ग्रामीण विकास के कार्यों को सराहा.

बेटियों की शिक्षा पर जोर

मनोज वाजपेयी का सबसे ज्यादा ध्यान बालिकाओं की कौशल शिक्षा पर रहा. उन्होंने कस्तूरबा कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय का दौरा किया और वहां मौजूद छात्राओं से संवाद किया. विद्यालय में स्थापित “गीता-राधाकांत बाजपेयी स्मृति पुस्तकालय” का अवलोकन करते हुए उन्होंने शिक्षा और किताबों के महत्व पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि जब गांव की बेटियां शिक्षित और हुनरमंद बनेंगी, तभी गांधी और कस्तूरबा के सपनों का भारत सच होगा. ट्रस्ट के अध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह और सचिव प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने चंपारण को सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र बनाने की संभावनाओं पर भी बात की.

चंपारण की धरोहर बचाने की कवायद

इस दौरे के दौरान मनोज वाजपेयी ने बेतिया के डीएम तरनजोत सिंह और एसपी डॉ. शौर्य सुमन से भी विशेष मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा चंपारण की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण था. उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि इन विरासतों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेज कर रखा जाए.

अभिनेता मनोज वाजपेयी का मानना है कि बिहार के गांवों में हो रहे छोटे-छोटे जमीनी प्रयास ही बड़े बदलाव की आहट हैं. इस मौके पर ट्रस्ट के कई गणमान्य सदस्य और विद्यालय के प्राचार्य मौजूद रहे, जिन्होंने मनोज वाजपेयी के इस आत्मीय दौरे का तहे दिल से स्वागत किया.(इनपुट-गणेश वर्मा, ब्यूरो चीफ प्रभात खबर, चंपारण)

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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