Women Reservation Bill: बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं और एक साथ आवाज उठाई कि वे अपना हक लेकर रहेंगी. राज्य के अलग-अलग जिलों से हजारों महिलाएं यहां पहुंचीं और अपने अधिकारों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. यह कार्यक्रम भाजपा महिला मोर्चा की तरफ से जन आक्रोश महिला सम्मेलन के रूप में आयोजित किया गया था.
महिलाओं ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार
महिलाओं का कहा कि लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास नहीं होने से वे नाराज हैं. उन्होंने इसके लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया और कांग्रेस, राजद समेत कई दलों पर निशाना साधा. महिलाओं ने कहा कि इस बिल से उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का मौका मिलता, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
सम्मेलन में भाजपा और एनडीए के कई नेता मौजूद रहे. इस दौरान बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि इस बिल को लेकर देशभर की महिलाओं में उम्मीद थी कि उन्हें नेतृत्व का मौका मिलेगा, लेकिन विपक्ष के कारण यह संभव नहीं हो पाया.
संजय सरावगी ने कहा कि इस विधेयक के पास नहीं होने से महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची है. एक तरफ महिलाएं निराश हुईं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों के नेताओं ने खुशी जाहिर की. इससे देश की करोड़ों महिलाओं की भावनाएं आहत हुईं.
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पूरे बिहार में होगा आंदोलन
बिहार बीजेपी चीफ ने यह भी कहा कि अगर महिला आरक्षण बिल पास हो जाता तो विधानसभा में महिलाओं की संख्या काफी बढ़ जाती. अभी जहां महिला विधायकों की संख्या 29 है, वहीं यह बढ़कर करीब 125 तक पहुंच सकती थी. लेकिन विपक्ष ने उनके अधिकारों को रोक दिया, जिसे महिलाएं अब बर्दाश्त नहीं करेंगी.
नेताओं ने कहा कि यह आक्रोश अब सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगा. यह आंदोलन पूरे बिहार में फैलेगा और हर जिले, हर गांव तक पहुंचेगा. महिलाओं के सम्मान और अधिकार की लड़ाई को जन-जन तक ले जाया जाएगा और इसे एक बड़ा जन आंदोलन बनाया जाएगा.
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