BPSC Success Story: पवन कुमार के पिता विजय रामदास छोटे किसान हैं, जबकि माता गृहिणी हैं. साधारण ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और आगे बढ़ने का सपना नहीं छोड़ा.
कई असफलताओं के बाद मिली मंजिल
पवन ने बिहार SI परीक्षा तीन बार पास की, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका. 67वीं BPSC में कुछ अंकों से मुख्य परीक्षा का मौका छूट गया. वहीं 68वीं और 69वीं BPSC में भी बेहद कम अंतर से सफलता हाथ से निकल गई. लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने प्रयास जारी रखा.
BPSC Success Story: दिन में नौकरी, रात में पढ़ाई
गुजरात में नौकरी के साथ BPSC की तैयारी करना आसान नहीं था. दिनभर कार्यालय का काम करने के बाद रात में पढ़ाई करनी पड़ती थी. सीमित समय और सेल्फ स्टडी के सहारे उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी.
माता-पिता की सेवा और समाज के लिए काम करने की इच्छा बनी प्रेरणा
बिहार से दूर नौकरी करने के दौरान माता-पिता की बढ़ती उम्र और खराब सेहत की चिंता हमेशा बनी रही. इसी कारण बिहार में रहकर परिवार और समाज के लिए कुछ करने की इच्छा ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.
युवाओं को दिया संघर्ष का संदेश
पवन अपनी सफलता का श्रेय मां, परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और ईश्वर को देते हैं. उनका कहना है कि असफलता से घबराने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर लगातार मेहनत करनी चाहिए. मेहनत और धैर्य के साथ किया गया प्रयास एक दिन जरूर सफल होता है.
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