एनएसएमसीएच में बिहार की पहली बेरिएट्रिक सर्जरी की गयी

बिहटा के अमहरा स्थित एनएसएमसीएच में बिहार का पहला बेरिएट्रिक व मेटाबोलिक सर्जरी चिकित्सक डॉ निरुपम सिन्हा व उनकी डॉक्टर्स टीम द्वारा पटना निवासी बेबी देवी (39) का बेरिएट्रिक सर्जरी से सफल ऑपरेशन किया गया.

प्रतिनिधि, बिहटा

बिहटा के अमहरा स्थित एनएसएमसीएच में बिहार का पहला बेरिएट्रिक व मेटाबोलिक सर्जरी चिकित्सक डॉ निरुपम सिन्हा व उनकी डॉक्टर्स टीम द्वारा पटना निवासी बेबी देवी (39) का बेरिएट्रिक सर्जरी से सफल ऑपरेशन किया गया. डॉ निरुपम ने बताया कि सामान्य रूप से मरीज का बाडी मास इंडेक्स-बीएमआई 25 होना चाहिए, जबकि इस मरीज का 51 तक पहुंच गया था. मानक से ढाई गुना वजन की वजह से सर्जरी के अलावा कोई विकल्प नहीं था. एनेस्थेटिस्ट डॉ रंजीत, डॉ पुलक, डॉ फैज समेत अन्य टीमों के साथ मिलकर एक घंटे में सर्जरी की गयी.

उन्होंने बतलाया कि मोटापा एक सीमा से ज्यादा बढ़ने पर बेरिएट्रिक सर्जरी ही इलाज का एकमात्र विकल्प बचता है. बेरिएट्रिक सर्जरी को वजन घटाने की सर्जरी भी कहा जाता है. सर्जिकल ऑपरेशन की यह एक श्रेणी है. मौके पर जेनरल सर्जरी एचओडी डॉ सीएम नारायण,डॉ निर्मल कुमार सिन्हा, डॉ मनीष कुमार,डॉ प्रशांत,डॉ आशुतोष ने बधाई देते हुए कहा कि अब बिहटा में समान रूप से मरीजों का इलाज कर मोटापे से निजात के लिए डॉ निरुपम मिल का पत्थर साबित होंगे. वही कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्ण मुरारी सिंह ने कहा कि एनएसएमसीएच बेरिएट्रिक सर्जरी की सुविधा लेने वाले मरीज को 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है जो मार्केट रेट से आधा है.

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