डिलिवरी ब्वॉय की मौत पर परिजनों को दो से चार लाख तक मदद देगी बिहार सरकार, विधानसभा में पारित हुआ विधेयक

Bihar Vidhan Sabha Monsoon Session: राज्य सरकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यानी इ-कॉमर्स कंपनियों के लिए काम करने वाले डिलिवरी ब्वॉय व अन्य यानी अस्थायी कामगारों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन करेगी. वहीं सरकार उनकी दर्घटना मृत्यु पर 4 लाख और नेचुरल मृत्यु पर 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी प्रदान करेगी.

Bihar Vidhan Sabha Monsoon Session: राज्य सरकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यानी इ-कॉमर्स कंपनियों के लिए काम करने वाले डिलिवरी ब्वॉय व अन्य यानी अस्थायी कामगारों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन करेगी. वहीं सरकार उनकी दर्घटना मृत्यु पर 4 लाख और नेचुरल मृत्यु पर 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी प्रदान करेगी. इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से बिहार प्लेटफॉर्म आधारित (निबंधन, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण) विधेयक 2025 लाया गया है.

यह विधेयक हुआ पारित

जानकारी के अनुसार बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के वॉकआउट के बीच जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय, प्लेटफॉर्म आधारित अस्थायी कामगार, बिहार दुकान और प्रतिष्ठान, कारखाना संशोधन, बिहार पशु प्रजनन विनियमन और बिहार कृषि विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 ध्वनिमत से पारित हो गया.

ओवरटाइम 75 से बढ़ाकर 144 घंटे हुआ

इस दौरान कर्मचारियों के हित का ख्याल रखते हुए ओवरटाइम की अधिकतम 75 से बढ़ाकर 144 घंटे किया गया है. ध्यान रहे कि ओवरटाइम के लिए कर्मचारियों की लिखित सहमति जरूरी है. इसके लिए कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों में संशोधन किया गया है.

विकलांगता पर 2.5 लाख तक सहायता

अस्थायी कामगार विधेयक 2025 के बारे में श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इसके लिए गठित कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष विभागीय मंत्री होंगे. इसमें संबंधित विभागों व प्लेटफॉर्म प्रतिनिधि सदस्य होंगे. सभी प्लेटफॉर्म और एग्रीगेटरों को अनिवार्य रूप से 60 दिनों में पंजीकरण कराना होगा.

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पंजीकरण के बाद मिलेगी यूनिक आईडी

पंजीकरण के बाद हर अस्थायी कामगार को यूनिक आईडी दी जाएगी. इससे वह विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे. अगर गिग कामगार एक सप्ताह से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहेंगे तो उन्हें 16,000 रुपये और एक सप्ताह से कम भर्ती पर 5,400 रुपये, वहीं 40% -60% विकलांगता पर 74,000 से 2.5 लाख तक सहायता व महिला कामगारों को मातृत्व लाभ मिलेगा.

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By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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