Bihar Transport Department: बिहार में कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स पर काम किए जा रहे हैं ताकि जाम की झंझट से लोगों को छुटकारा मिल सके. काफी हद तक लोगों को राहत भी मिली है लेकिन परेशानी अब भी कहीं ना कहीं बनी हुई है. शहरों में सुबह और शाम स्कूल और ऑफिस के समय पर जाम अधिक लग रहा है. ऐसे में परिवहन विभाग जाम से छुटकारा पाने के लिए राज्य में सार्वजनिक परिवहन के स्टॉपेज के लिए पहले से चिह्नित जगहों में बदलाव करेगा.
दूसरे राज्यों की तर्ज पर बिहार में गाड़ियों के लिए एक रूट चार्ट भी बनाया जाएगा, ताकि लोगों को जाम से मुक्ति मिल सके. परिवहन विभाग ने निर्णय लिया है कि राज्य में रूट प्लान बनाकर छोटी-बड़ी गाड़ियों के रूट में बदलाव किया जाएगा. सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों में सबसे अधिक बाइक, कार, ऑटो, ट्रैक्टर, ट्रक और ट्रेलर की संख्या है. जिनकी वजह से हर चौके-चौराहे पर जाम की स्थिति हर दिन बनी रहती है.
गाड़ियों के रूट में किया जाएगा बदलाव
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जाम से छुटकारा के लिए परिवहन विभाग या यातायात पुलिस के पास एक निश्चित रूट प्लान नहीं है. जानकारी के मुताबिक गोरखपुर, हैदराबाद, कटक और बेंगलुरु जैसे शहरों में रूट प्लान बना हुआ है. बड़ी गाडियों को शहर में नहीं आने दिया जाता है. छोटी गाड़ियां किन-किन सड़कों पर चल पायेंगी, इसका पूरा प्लान है.
विभाग ने दिया ये आदेश
विभाग के मुताबिक पहले से बने स्टॉपेज को जरूरत पड़ने पर हटा कर दूसरे जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा. विभाग ने इसको लेकर सभी जिलों को दिशा-निर्देश भेजा है. विभाग ने कहा है कि शहरों और सड़कों को जाम मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा. जबकि पहले से बने स्टॉप के कारण जाम की समस्या है, तो उसे दूसरे जगह पर शिफ्ट करें.
परिवहन विभाग की प्लानिंग से जुड़ी जरूरी बातें
- दूसरे बड़े राज्यों (जैसे हैदराबाद और बेंगलुरु) की तर्ज पर अब बिहार में भी गाड़ियों के लिए एक निश्चित रूट चार्ट तैयार किया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्थित हो सके.
- पुराने और अनुपयुक्त बस स्टॉपेज को चिह्नित कर उन्हें नई जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा, जिससे रोड पर गाड़ियों की लाइन न लगे और जाम से मुक्ति मिले.
- बिहार में हर साल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी हो रही है (जैसे वर्ष 2024-25 में 13.82 लाख वाहन), जिसके कारण मौजूदा सड़कें और पुरानी व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है.
- नए प्लान के तहत शहरों में बड़ी गाड़ियों की एंट्री को नियंत्रित किया जाएगा और छोटी गाड़ियों के लिए अलग रूट तय किए जायेंगे.
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