Bihar Sugar Mills Revival: बिहार में गन्ने से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा फैसला लिया है. सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने और नई मिलें लगाने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार की जाए.
सीएम ने चंपारण इलाके पर जोर देते हुए कहा कि इसे फिर से देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक क्षेत्र बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि किसानों को भी अपनी फसल बेचने के लिए एक बेहतर बाजार मिल सकेगा.
चनपटिया और मोतीपुर समेत 9 बंद मिलों वाले क्षेत्रों में लौटेंगी रौनक
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि रैयाम, सकरी, सासामुसा, मढ़ौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया और मोतिहारी में औद्योगिक गतिविधियां फिर से शुरू करने के लिए काम में तेजी लाई जाए.
सीएम ने कहा कि बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत राज्य में ज्यादा से ज्यादा निवेश लाया जाए, ताकि चीनी मिलों का मॉडर्नाइजेशन हो सके. सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को हर संभव मदद देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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बिहार में लगेंगी 25 नई चीनी मिलें
इस बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने एक डिजिटल प्रेजेंटेशन के जरिए विभाग की योजनाओं और चीनी मिलों की मौजूदा स्थिति की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 9 बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना करने की एक बड़ी प्लानिंग पर काम कर रही है.
गन्ने का उत्पादन बढ़ाने और उसमें सुधार करने के लिए निवेशकों को भी कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी.
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