अररिया में बनेगा बिहार का दूसरा चिड़ियाघर, सेंट्रल जू ऑथोरिटी लगायेगी मास्टर प्लान पर मुहर

अररिया जिले के रानीगंज में प्रस्तावित चिड़ियाघर का इलाका करीब 289 एकड़ में फैला हुआ है. वह स्थान नेपाल और पश्चिम बंगाल के नजदीक है. ऐसे में वहां विभिन्न प्रकार के पक्षी आते रहते हैं.

पटना. अररिया के रानीगंज प्रखंड में राज्य के दूसरे चिड़ियाघर को बनाने का मास्टर प्लान अगले सप्ताह तक केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सेंट्रल जू ऑथोरिटी) को भेजा जायेगा. इसके लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तैयारी कर रहा है. इस संबंध में अगस्त 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्टेट वाइल्ड लाइफ की बैठक के दौरान अपनी मंजूरी दी थी.

सेंट्रल जू ऑथोरिटी को भेजा गया था प्रस्ताव

स्टेट वाइल्ड लाइफ की बैठक में नीतीश कुमार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव सेंट्रल जू ऑथोरिटी को भेजा गया था. इसके बाद से विभाग और सेंट्रल जू ऑथोरिटी के बीच लगातार बातचीत जारी है. ऑथोरिटी ने प्रस्ताव के बारे में जिन सवालों की जानकारी मांगी थी, उसके जवाब की तैयारी विभाग ने कर ली है.

289 एकड़ में फैला है चिड़ियाघर का इलाका

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मास्टर प्लान जाने के बाद तकनीकी बैठक की संभावना अगले महीने तक है. अररिया जिले के रानीगंज में प्रस्तावित चिड़ियाघर का इलाका करीब 289 एकड़ में फैला हुआ है. वह स्थान नेपाल और पश्चिम बंगाल के नजदीक है. ऐसे में वहां विभिन्न प्रकार के पक्षी आते रहते हैं.

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प्रस्तावित चिड़ियाघर के इलाके की आबोहवा जानवरों के लिए अनुकूल

प्रस्तावित चिड़ियाघर के इलाके में तालाबों की बहुतायत होने से हर साल के अक्तूबर और मार्च महीने में प्रवासी पक्षी देखे जाते हैं. इस स्थान की आबोहवा शेर, बाघ, तेंदुआ, गैंडा, जिराफ, हिरण सहित अन्य जानवरों के लिए अनुकूल रहने की संभावना है. इस कारण इसे चिड़ियाघर के रूप में विकसित करने का विभाग ने निर्णय लिया है.

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