Bihar Politics: जीतन राम मांझी ने किसे बताया 'गब्बर सिंह' ? तेजस्वी यादव के 'दामाद' वाले मुद्दे पर किया बड़ा खुलासा

Bihar Politics: हम पार्टी के संरक्षक व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी इन दिनों एक्शन मोड में हैं. इस बीच उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया, जिसकी खूब चर्चा हो रही है. इस पोस्ट में मांझी ने 'गब्बर सिंह' का जिक्र किया और इशारे-इशारे में तेजस्वी यादव पर निशाना भी साधा.

Bihar Politics: बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. कई तरह की बयानबाजी का दौर देखा जा रहा है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी वॉर हो रही है. इस बीच हम पार्टी के संरक्षक व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एक्शन मोड में दिख रहे हैं. लगातार कई मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और विपक्ष पर कटाक्ष करने से भी नहीं चूंक रहे. इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिये एक पोस्ट शेयर किया. इस पोस्ट में उन्होंने ‘गब्बर सिंह’ का जिक्र किया. इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर इशारे-इशारे में ही जमकर कटाक्ष करते हुए बड़ा खुलासा कर दिया.

‘जो घर-परिवार का नहीं, वो किसी का नहीं’

दरअसल, जीतन राम मांझी ने ‘दामाद’ के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने खुलासा किया कि, आखिर क्यों तेजस्वी ने ‘दामाद’ का मुद्दा उठाया. पोस्ट के जरिये इशारे में ही यह कह दिया कि, उन्होंने अपने भाई (तेज प्रताप) को पहले ही घर से बाहर निकाल दिया है. अब वे बहन और बहनोई को बाहर करने के लिए ‘दामाद’ का मुद्दा उठा रहे हैं. जीतन राम मांझी का यह भी कहना हुआ कि, ‘जो घर-परिवार का नहीं, वो किसी का नहीं हो सकता है.’ इस तरह से जीतन राम मांझी के पोस्ट से सियासी हलचल मच गई है.

पोस्ट के जरिये कही बड़ी बात

आज सुबह जीतन राम मांझी की ओर से किए गए पोस्ट पर विस्तार रूप से बात की जाए तो, उन्होंने लिखा कि, “भाई को तो पहले ही घर से बाहर निकाल दिया है अब बहन और बहनोई को बाहर करने के लिए “दामाद” का मुद्दा उठाया जा रहा है ताकि भविष्य में “गब्बर सिंह” यदि बेटी-दामाद को कहीं सेट करने की बात कहें, तो यह कहकर मना कर दिया जाए कि हमने तो खुद ही “दामाद” का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरा था इसलिए बेटी/दामाद को किसी भी कीमत पर एडजस्ट नहीं किया जाएगा.” आगे उन्होंने सीधा-सीधा यह लिखा कि, “जो घर-परिवार का नहीं वह किसी का नहीं.”

दामाद आयोग के गठन का आरोप

इस तरह से देखा जा सकता है कि, जीतन राम मांझी लगातार अपनी प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर दे रहे हैं. वहीं, पिछले कुछ दिनों की बात की जाए तो, विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने कई बोर्ड और आयोगों का पुनर्गठन किया. जिसमें यह देखा गया कि, अनुसूचित आयोग का अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के जीजा मृणाल पासवान को बनाया गया था. इसके साथ ही इस आयोग के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के दामाद देवेंद्र कुमार को सौंपी गई. इसी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से दामाद आयोग के गठन की बात कही गई थी. जिसे लेकर अब तक वार-पलटवार का सिलसिला जारी है.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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