Bihar Politics: सोमवार को राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक ने वोट नहीं किया. आज कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने वोट नहीं करने की खुद ही वजह बताई. विधायक सुरेंद्र प्रसाद के मुताबिक वे महागठबंधन के उम्मीदवार से संतुष्ट नहीं थे. इसलिए उन्होंने किसी के भी पक्ष में वोट नहीं करने का फैसला लिया.
फेसबुक पर पोस्ट शेयर कर क्या लिखा?
विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘एक सीट का मौका था महागठबंधन के पास तो दीपक यादव जी से बेहतर उम्मीदवार कौन हो सकता था, वह भी नहीं तो मुकेश सहनी जी को ही, लेकिन उन्हें मौका ना देकर ऐसे वर्ग के व्यक्ति को उम्मीदवार बना दिया गया जिसका जनाधार महागठबंधन के खिलाफ है. मैं NDA का साथ दे नहीं सकता हूं और राजद ने उम्मीदवार गलत चुना तो मैंने वोट नहीं देना ही बेहतर समझा.’
आगे उन्होंने यह भी लिखा, ‘रही बात मुझपर आरोप लगाने की, तो मुख्यमंत्री के सबसे चहेते सीट पर हमनें पूरे सरकारी तंत्र को हराकर विधानसभा चुनाव में जीत हासिल किया था और जनता के आशीर्वाद का कर्ज पूरे बिहार में सबसे तेज गति से विकास कार्यों के द्वारा चुकता कर रहा हूं तो विरोधी जब बराबरी नहीं कर पाएगा तो बदनाम ही करेगा. आशा है जनता दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए मेरे इस त्याग और समर्पण की भावना को समझेगी और विरोधियों के झांसे में नहीं आएगी.’
कौन हैं कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद?
कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर से पहली बार विधायक बने हैं. दिलचस्प बात यह है कि वह पहले एनडीए के साथ भी चुनाव लड़ चुके हैं. 2015 में उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP से एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन तब हार गए थे. 2025 विधानसभा चुनाव में उन्होंने जदयू के उम्मीदवार धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह को 1675 वोटों से हराया.
इन चार विधायकों ने नहीं किया था वोट
सोमवार को महागठबंधन के चार विधायकों की गैरहाजिरी से राजद उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह की राह मुश्किल हो गई. इसका नतीजा यह हुआ कि पांचों सीट पर एनडीए की जीत हो गई. कांग्रेस के तीन विधायकों में सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा के अलावा मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद सिंह ने वोट नहीं किया. जबकि आरजेडी से फैसल रहमान मतदान करने नहीं पहुंचे.
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