Bihar Politics: सोमवार को राज्यसभा की 5 सीटों के लिए बिहार विधानसभा में वोट डाले गए. इस दौरान कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक ने वोट नहीं किया. आज वोट नहीं करने वाले विधायकों में से एक कांग्रेस के विधायक मनोज विश्वास ने वोट नहीं करने की वजह बताई. उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमें प्रत्याशी पसंद नहीं था, इसलिए हमने वोट नहीं किया.
विधायक बोले- हमारे नेता का सम्मान नहीं किया
मीडिया की तरफ से जब विधायक मनोज विश्वास से यह सवाल किया गया कि तेजस्वी यादव का कहना है कि विधायकों की खरीद फरोख्त की गई है. इस मनोज विश्वास ने कहा, ऐसी कोई बात कहीं है. कहीं कोई खरीद-फरोख्त नहीं हुई. हमलोग कोई सामान नहीं हैं, जो कोई भी खरीद लेगा. बल्कि हम सम्मान के भूखे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि, हमारे जो प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम हैं, उनको इस चुनाव में इंवॉल्व नहीं किया गया. जब हमारे दल के नेता का सम्मान नहीं होगा तो जो हमारे नेता का आदेश होगा, हम वो करेंगे. हमारे नेता ने कहा कि आप स्वतंत्र हैं.
महागठबंधन के प्रत्याशी से नहीं थे संतुष्ट
मनोज विश्वास ने कहा, पूरे बिहार में राज्यसभा चुनाव से पहले यह चर्चा थी कि महागठबंधन की तरफ से हिना शहाब को प्रत्याशी बनाया जाएगा. ऐसे में अल्पसंख्यक का वोट हमें सबसे ज्यादा मिलता. लेकिन क्या हुआ. नॉमिनेशन से ठीक एक दिन पहले प्रत्याशी की घोषणा हुई. हमने प्रत्याशी के विरोध में वोट नहीं किया. दल के साथ किसी तरह की कोई गद्दारी नहीं की. हमें प्रत्याशी पसंद नहीं था, इसलिए हमने वोट नहीं किया. ये सच्चाई है.
कार्रवाई के सवाल पर क्या बोले मनोज विश्वास?
मीडिया ने सवाल किया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ही वोट नहीं करने वाले विधायकों पर कार्रवाई की बात कही है. इस पर मनोज विश्वास ने कहा, जो कार्रवाई करना है कर लें, सब मंजूर है. उन्होंने यह भी बताया कि वोटिंग वाले दिन मनोज विश्वास अपना फोन स्विच ऑफ कर एक होटल में थे. इससे पहले कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने भी महागठबंधन का प्रत्याशी नहीं पसंद होने की बात कही.
