आखिर राहुल गांधी ने मान ली बात, बोले- बिहार में गठबंधन के बिना चुनाव जीतना मुश्किल!

Bihar Politics: कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को बिहार दौरे पर थे. इस दौरान पटना में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा जदयू को हराने के लिए गठबंधन जरूरी है. इसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस ने अपने रुख स्पष्ट कर दिया है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar Politics: कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को बिहार दौरे पर थे. इस दौरान वे सबसे पहले बेगूसराय पहुंचे, जहां उन्होंने कन्हैया की अगु���ई में चल रहे पलायान रोको, नौकरी दो यात्रा में हिस्सा लिया. इसके बाद वे पटना पहुंचे, जहां उन्होंने सदाकत आश्रम में पार्टी के नेताओं को संबोधित किया. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को एक बार फिर से स्पष्ट कर दिया है कि बिहार विधानसभा का चुनाव गठबंधन के साथ ही लड़ा जायेगा. उन्होंने कहा कि बिना गठबंधन किये बिहार में भाजपा- जदयू को नहीं हराया जा सकता है. कांग्रेस को जो भी सीटें मिले पर पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि सभी अपनी सरकार बनाने में जुट जाये. उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि वे समाज में पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, महिला और सामान्य वर्ग के गरीबों के बीच पहुंचकर उनको कांग्रेस के साथ जोड़ने का काम करें. 

सदाकत आश्रम बना अखाड़ा

सदाकत आश्रम में आयोजित पार्टी नेताओं के कार्यक्रम के बाद आश्रम एक बार फिर से मारपीट का आखाड़ा बन गया. राहुल गांधी की सभा में सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट के बाद समाप्त हुआ. जानकारों का कहना है कि रीगा के पूर्व विधायक अमित सिंह टुन्ना और रवि रंजन के बीच कुर्सी को लेकर विवाद हुआ और हॉल के अंदर कहासुनी हुई . जैसे ही कार्यक्रम समाप्त हुआ दोनों के बीच में हाथापाई होने लगी. डॉ अखिलेश सिंह सहित अन्य नेताओं ने बीचबचाव करके दोनों पक्षों को शांत कराया. अमित टुन्ना ने बताया कि जैसे ही कार्यक्रम खत्म हुआ कि एक पॉकेटमार ने उनकी पॉकेट में चोरी की नीयत से हाथ डाला. इसको लेकर उन्होंने चोर को खदेड़कर पकड़ने की कोशिश की.

सांसद शांभवी चौधरी ने साधा निशाना

पदयात्रा समाप्त होने के बाद समस्तीपुर से LJP (R) सांसद शांभवी चौधरी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “बिहार की जनता एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है. बेगूसराय में जो पदयात्रा उनकी लंबी चलनी चाहिए थी, वो शुरू होते ही खत्म हो गई. दूसरी बात यह है कि वो किस विषय पर पदयात्रा करने के लिए आए वो भी बड़ा मजेदार है. कांग्रेस पार्टी और आरजेडी ने मिलकर बिहार में पलायन की जड़ों को गाड़ा. वे लोग पलायन को लेकर पदयात्रा कर रहे हैं. ये सबसे मजेदार बात है.” 

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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