गांव-गांव पहुंचकर युवाओं को जोड़ेगी BJP, गैर-राजनीतिक परिवारों पर फोकस, संजय सरावगी ने दिया टास्क

Bihar Politics: बिहार में संगठन विस्तार के लिए BJP 6 अप्रैल से ‘गांव-चलो बस्ती-चलो’ अभियान शुरू करने जा रही है. इसके जरिए गैर-राजनीतिक परिवारों के युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर खास जोर दिया जाएगा.

Bihar Politics: भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में अपने संगठन को और मजबूत करने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है. पार्टी अब खासतौर पर गैर-राजनीतिक परिवारों के युवाओं को जोड़ने पर फोकस करेगी. इस अभियान की शुरुआत 6 अप्रैल से होगी, जो भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित किया जा रहा है.

संजय सरावगी ने दिया टास्क

पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि पार्टी के नेताओं को जिलों में जाकर गांव-गांव और बस्ती-बस्ती युवाओं से जुड़ने का टास्क दिया गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के 46 साल पूरे होने के मौके पर संगठन विस्तार को नई दिशा दी जा रही है.

6 से 12 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान

पार्टी के मुताबिक, 6 अप्रैल को नेताओं का अलग-अलग जिलों में प्रवास होगा. इसके बाद 7 से 12 अप्रैल तक ‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता आम लोगों से सीधे संवाद करेंगे.

सरकार की उपलब्धियां घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी

अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे. इसके साथ ही सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को सम्मानित करने की भी योजना है.

हर विधानसभा क्षेत्र में 50 गांवों तक पहुंचने का लक्ष्य

पार्टी की रणनीति के अनुसार, हर विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 50 प्रमुख गांवों में यह अभियान चलाया जाएगा. इसमें पार्षद, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत हो सके.

विपक्ष पर भी साधा निशाना

इस मौके पर संजय सरावगी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनके पास न नीति है, न नीयत और न ही नेतृत्व. भाजपा ही बिहार को विकास की राह पर आगे बढ़ाने में सक्षम है.

भाजपा का इतिहास और बिहार में बढ़ता जनाधार

भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस हर साल 6 अप्रैल को मनाया जाता है. पार्टी की स्थापना 1980 में हुई थी. बिहार में भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ता गया है और जेडीयू के साथ गठबंधन के बाद 2005 में पहली बार सत्ता में आई.

2025 चुनाव के बाद बदली तस्वीर

2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. फिलहाल विधानसभा में भाजपा के सबसे अधिक 89 विधायक हैं. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले समय में बिहार को पहला भाजपा मुख्यमंत्री मिल सकता है.

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Published by: Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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