Bihar Paper leak: (पटना से नितिश सिंह की रिपोर्ट) बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंटर पर बायोमेट्रिक कर्मियों की मिलीभगत से स्कॉलर बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के 10 लोगों को पुलिस ने गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इन सभी को मुंगेर के तारापुर और अरवल से गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि परीक्षा माफिया की मदद से तीन से पांच लाख रुपये लेकर सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा पास कराई जाती थी.
बायोमेट्रिक जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
जांच में सामने आया कि मेधावी छात्रों को स्कॉलर बनाकर परीक्षा में बैठाया जाता था, जिन्हें एक से दो लाख रुपये दिए जाते थे. परीक्षा माफिया मूल अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड में फोटो बदलकर स्कॉलर को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाते थे. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल संचालित किया जाता था. शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फोटो, हस्ताक्षर, पैराग्राफ राइटिंग और बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी सामने आने के बाद मामले का खुलासा हुआ.
563 अभ्यर्थियों पर दर्ज हुआ था मामला
यह मामला केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) से जुड़ा है. शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान 563 अभ्यर्थियों के खिलाफ गड़बड़ी की पुष्टि होने पर सात अप्रैल 2025 को सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. केंद्रीय चयन पर्षद की प्राथमिकी शाखा की प्रभारी एसआई अमृता प्रियदर्शनी के आवेदन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और बिहार लोक परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था.
अरवल और मुंगेर से 10 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने अनुसंधान के दौरान अरवल के कुर्था और मुंगेर के तारापुर सहित विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार लोगों में रंजय कुमार, मिथुन कुमार, बलराम कुमार, सुभाष कुमार पासवान, रामजीवन कुमार, राजा बाबू, गोपाल कुमार साह, मृत्युंजय दास, सुधीर कुमार शामिल हैं.
कैसे दिलाई जाती थी लिखित परीक्षा में सफलता
सिपाही भर्ती परीक्षा में दलालों के माध्यम से अभ्यर्थियों को परीक्षा माफिया से जोड़ा जाता था. माफिया आठ लाख रुपये में पूरी भर्ती प्रक्रिया पार कराने का दावा करते थे. लिखित परीक्षा पास कराने के लिए तीन से पांच लाख रुपये लिए जाते थे. अभ्यर्थियों से शैक्षणिक दस्तावेज लेकर स्कॉलर के माध्यम से परीक्षा दिलाई जाती थी और बायोमेट्रिक प्रक्रिया में भी सेटिंग की जाती थी.
88 आरोपी अब तक जा चुके हैं जेल
सचिवालय डीएसपी-1 अनु कुमारी ने बताया कि इस मामले में 563 अभ्यर्थियों और स्कॉलरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. अब तक 88 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है.
कई जिलों के अभ्यर्थी जांच के दायरे में
जांच के दायरे में भागलपुर, मुंगेर, गया, लखीसराय, बांका, बेगूसराय, मधुबनी, जमुई, सिवान, मधेपुरा, समस्तीपुर, अरवल, रोहतास, नालंदा और वैशाली समेत कई जिलों के अभ्यर्थी शामिल हैं.
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