Bihar Niyojit Teachers Salary: बिहार के नियोजित शिक्षकों की रुकी हुई सैलरी और उनके प्रमोशन की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने राज्यपाल के पास गुहार लगाई है. आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने राज्यपाल को एक चिट्ठी लिखकर मांग की है कि वे इस मामले में दखल दें. उन्होंने कहा है कि राज्य के नियोजित शिक्षकों को हर महीने समय पर वेतन मिलना चाहिए और सरकारी नियमों के हिसाब से उनका प्रमोशन भी जल्द से जल्द होना चाहिए. आरजेडी प्रवक्ता ने इसे शिक्षकों के साथ हो रहा बड़ा अन्याय बताया है और कहा है कि सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए.
चार महीने से सैलरी नहीं मिलने से शिक्षक परिवार परेशान
राज्यपाल को भेजी गई चिट्ठी में आरजेडी प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने शिक्षकों की खराब हालत पर चिंता जताई है. उन्होंने बताया कि राज्य के नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है. इतने लंबे समय से सैलरी न मिलने की वजह से लाखों शिक्षकों के घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है और उनके परिवार दाने-दाने को तरस रहे हैं. बच्चों के स्कूल की फीस भरने, घर का राशन लाने और बीमारी में इलाज कराने जैसी जरूरतों के लिए इन शिक्षकों को दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ रहा है. राजद प्रवक्ता ने कहा कि बच्चों का भविष्य बनाने वाले इन शिक्षकों को समय पर पैसा न मिलना बेहद शर्मनाक है.
नियम होने के बाद भी अफसरों ने रोक रखा है प्रमोशन
आरजेडी प्रवक्ता ने शिक्षा विभाग पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नियमावली में साफ-साफ लिखे होने के बावजूद शिक्षकों को उनके हक का प्रमोशन नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने नियमों की याद दिलाते हुए कहा कि सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक 12 साल की नौकरी पूरी करने वाले शिक्षकों को टाइम बाउंड प्रमोशन मिलना चाहिए. इसके अलावा बेसिक ग्रेड में 8 साल काम करने पर स्नातक ग्रेड में और स्नातक ग्रेड में 5 साल की सेवा पूरी होने पर मिडिल स्कूल के हेडमास्टर पद पर प्रमोशन देने का नियम है, लेकिन अफसरों की लापरवाही से यह सब ठप पड़ा है.
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ईपीएफ कटौती को लेकर भी उठाई मांग
चित्तरंजन गगन ने राज्यपाल से यह भी मांग की है कि नियोजित शिक्षकों के ईपीएफ (EPF) खाते में होने वाली पैसों की कटौती को लेकर भी सुधार किया जाए. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के ईपीएफ अंशदान की कटौती उनके असली और पूरे मूल वेतन के आधार पर की जानी चाहिए, ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें इसका सही लाभ मिल सके. आरजेडी ने साफ किया है कि जब तक शिक्षकों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, पार्टी इस मुद्दे को दबाने नहीं देगी.
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