Bihar News: अब पुलिसकर्मियों की थाली में जीविका दीदी का स्वाद, पटना न्यू पुलिस लाइन में शुरू हुआ मेगा सेंट्रल किचन

Bihar News: अब ड्यूटी के साथ खाना जुटाने की चिंता नहीं. पटना न्यू पुलिस लाइन में ‘जीविका दीदी की रसोई’ ने पुलिसकर्मियों की रोजमर्रा की सबसे बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है.

Bihar News: पटना न्यू पुलिस लाइन में रविवार को एक बड़ी सुविधा की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां सेंट्रल किचन एवं भोजनालय का उद्घाटन किया, जहां जीविका दीदियां अब पुलिस लाइन में रहने वाले करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों के लिए सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन तैयार करेंगी. इस पहल से जहां पुलिसकर्मियों का समय और श्रम बचेगा, वहीं 120 जीविका दीदियों को स्थायी रोजगार भी मिला है.

जीविका दीदियों की रसोई से बदलेगी पुलिस लाइन की दिनचर्या

मुख्यमंत्री ने उद्घाटन के दौरान कहा कि पुलिस लाइन में रहने वाले जवानों को ड्यूटी के साथ-साथ राशन और भोजन की व्यवस्था करने में काफी परेशानी होती थी. सेंट्रल किचन शुरू होने से यह समस्या खत्म होगी. अब पुलिसकर्मी बेहतर ढंग से ड्यूटी पर ध्यान दे सकेंगे. मुख्यमंत्री ने स्वयं किचन और भोजनालय का निरीक्षण किया और जीविका दीदियों से बातचीत भी की.

इस किचन में दो अलग अलग किचेन, बड़ा कैफेटेरिया भी है. मात्र 60 रूपये में चावल, दाल, सब्जी, पापड़, एक मिठाई, सलाद और चटनी मिल रही है. भोजन में वेज और नॉनवेज दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे और दैनिक मेनू अलग-अलग होगा. इस हिसाब से मासिक शुल्क तय किया जायेगा.

सेंट्रल किचन के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक भवन (आरक्षित कार्यालय), महिला पुलिस बैरक (1000 बेड) और पुरुष सिपाही बैरक (2100 बेड) का भी उद्घाटन किया. इन सुविधाओं से पटना पुलिस लाइन की आधारभूत संरचना को बड़ा संबल मिला है.

266 करोड़ की योजना, फेज-2 जल्द पूरा करने का निर्देश

पटना पुलिस लाइन के विस्तार से जुड़े मॉडल का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस परियोजना पर कुल 266 करोड़ रुपये खर्च होंगे. डीजीपी ने जानकारी दी कि फेज-2 के तहत सार्जेंट मेजर आवास, पुरुष व महिला सिपाही बैरक, यूएस और एलएस क्वार्टर, सेवक क्वार्टर, विद्यालय भवन, सीवर लाइन, ट्यूब्यूलर फायरिंग रेंज और ऑडिटोरियम का निर्माण प्रस्तावित है. मुख्यमंत्री ने सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया.

2018 से अब तक 4 हजार दीदियों को रोजगार

‘दीदी की रसोई’ की शुरुआत वर्ष 2018 में सदर अस्पताल, हाजीपुर से हुई थी. फिलहाल राज्यभर में 334 दीदी की रसोई संचालित हैं, जिनसे 4 हजार से अधिक जीविका दीदियों को रोजगार मिला है. पटना न्यू पुलिस लाइन का यह सेंट्रल किचन इसी श्रृंखला की एक अहम कड़ी है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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