Bihar News: बिहार की पावन नगरी बोधगया में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने वाली है. दरअसल, बोधगया में इंटरनेशनल फूड विलेज बनाया जाएगा. यह प्रोजेक्ट 127 करोड़ रुपए की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, बोधगया के ‘नोड एक’ को तोड़ा जाएगा और फूड विलेज बनाया जाएगा. यह परियोजना लगभग 4.2 एकड़ में फैली होगी.
क्या है इस परियोजना का उद्देश्य?
जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना का उद्देश्य ‘सांस्कृतिक और पाक कला प्रवेश द्वार’ के रूप में बोधगया को डेवलप करना है. यहां वियतनाम, श्रीलंका, थाईलैंड समेत अन्य देशों के फेमस फूड मिल सकेंगे. इसके साथ ही भोजन, शिल्प, महाबोधि मंदिर में भीड़भाड़ कम करना, अंतर्राष्ट्रीय संस्कृति को बढ़ावा भी दिया जाएगा. इसके अलावा बिहार और आस-पास के राज्यों के जीआई टैग वाले प्रोडक्ट भी मौजूद रहेंगे.
इंटरनेशनल फूड विलेज बनने से फायदे
बोधगया में दुनियाभर से बौद्ध धर्म से जुड़े धर्मावलंबी आते हैं. उनकी संख्या लाखों में होती है. कई बार उन्हें संस्कृति और स्वाद के अनुसार खाना नहीं मिलने की वजह से परेशानी होती है. लेकिन इंटरनेशनल फूड विलेज के खुलने से दूसरे देशों का खाना यहां मिल सकेगा, जिससे विदेशी पर्यटकों को सहूलियत मिल सकेगी. इतना ही नहीं, बोधगया आने वाले विदेशी मेहमान आकर्षित भी हो सकेंगे.
रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
साथ ही बोधगया में पर्यटन के साथ-साथ रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकेगा. बोधगया में अभी ही हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक यहां घूमने पहुंचते हैं. इंटरनेशन फूड विलेज नया आकर्षण का केंद्र बन सकेगा. बोधगया में सुविधाओं को बढ़ाने की वजह से पर्यटक आकर्षित हो सकेंगे. इससे बोधगया और इसके आस-पास के इलाके में इकोनॉमी भी मजबूत हो सकेगी. साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार भी उपलब्ध हो सकेगा.
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