Bihar News: बिहार सरकार ने केंद्र को 6 नई रेल परियोजनाओं का भेजा प्रस्ताव, इन जिलों को होगा सीधा फायदा

Bihar News: बिहार सरकार ने रेलवे बोर्ड को छह प्रमुख रेल परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा है. इनसे धार्मिक पर्यटन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा. प्रस्ताव में सर्कुलर ट्रेन, लोकल सेवाएं, नए रेल पुल और अतिरिक्त लाइनों की मांग शामिल है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य में रेल सुविधाओं के व्यापक विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है. मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा द्वारा भेजे गए पत्र में छह प्रमुख रेल परियोजनाओं की मांग की गई है जो राज्य के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन विकास के लिए आवश्यक हैं. इन प्रस्तावों में बौद्ध सर्किट रेल कॉरिडोर, उत्तर और दक्षिण बिहार उपनगरीय परिवहन नेटवर्क, पटना क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क, उच्च घनत्व वाले मार्गों पर अतिरिक्त रेल लाइनों का निर्माण, और आरा-छपरा के बीच गंगा नदी पर एक नया रेल पुल शामिल हैं. मुख्य सचिव ने पत्र में बिहार के वर्तमान रेल ढांचे की खामियों को उजागर करते हुए लिखा है कि राज्य का जनसंख्या घनत्व 1388 प्रति वर्ग किलोमीटर है जो राष्ट्रीय औसत से 289.5% अधिक है, जबकि प्रति लाख जनसंख्या पर रेलवे ट्रैक की उपलब्धता सिर्फ 5.31 किलोमीटर है, जो कि राष्ट्रीय औसत 9.81 से काफी कम है.

बोधगया और राजगीर आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगी विशेष सुविधा

बौद्ध सर्किट रेल कॉरिडोर के तहत पटना-गया-तिलैया-राजगीर-फतुहा मार्ग पर सर्कुलर ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है, जिससे बोधगया और राजगीर आने-जाने वाले यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी. यह परियोजना नालंदा, नवादा, गया और जहानाबाद जिलों के लिए भी लाभदायक होगी और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पूर्वोदय बजट 2025 के विजन स्टेटमेंट को भी आगे बढ़ाएगी. दक्षिण बिहार में बक्सर, भोजपुर, रोहतास, लखीसराय, मुंगेर, शेखपुरा, भागलपुर, जमुई और बांका जिलों को राजधानी पटना से जोड़ने के लिए मुंबई की तर्ज पर लोकल ट्रेनों की जरूरत बताई गई है. इसके लिए तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण की मांग की गई है. इसी प्रकार उत्तर बिहार में सिवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा को पटना से जोड़ने हेतु भी अतिरिक्त रेल लाइनों की आवश्यकता जताई गई है.

फतुहा-बिदुपुर के बीच नया रेल पुल का सुझाव

इसके अलावा, फतुहा-बिदुपुर के बीच नया रेल पुल और पटना-पटना-साहिब-फतुहा-बिदुपुर-हाजीपुर-सोनपुर-पाटलिपुत्र- पटना मार्ग पर क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क स्थापित करने का सुझाव दिया गया है. आरा और छपरा के बीच गंगा नदी पर एक नया रेल पुल बनाकर शाहाबाद और सारण के बीच कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की योजना भी प्रस्तावित है. डीडीयू-बक्सर-आरा-पटना-किउल मार्ग पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए जल्द से जल्द तीसरी और चौथी रेल लाइन की मंजूरी मांगी गई है. सरकार ने गुलजारबाग-पटना सिटी जैसे इलाकों में भूमि अधिग्रहण और सार्वजनिक सुविधाओं को स्थानांतरित करने में सहयोग देने की भी बात कही है.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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