Bihar Sand News: बिहार में निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता जल्द और बेहतर होने वाली है. राज्य सरकार ने पीला बालू के 107 और उजला बालू के 54 नए घाटों की बंदोबस्ती पूरी कर ली है. अब इन घाटों से जल्द खनन शुरू करने की तैयारी चल रही है.
कई जिलों को मिलेगा फायदा
जिन नए घाटों से खनन शुरू होना है, उनमें भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, पटना, गया और जमुई जैसे जिले प्रमुख हैं. इन जिलों में खनन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर बालू की उपलब्धता बढ़ेगी और लोगों को निर्माण कार्यों के लिए आसानी से बालू मिल सकेगा.
311 पीला और 89 उजला बालू घाट होंगे सक्रिय
वर्तमान में राज्य में पीला बालू के लगभग 204 घाटों और उजला बालू के 35 घाटों से खनन हो रहा है. नए घाटों के शुरू होने के बाद पीला बालू के सक्रिय घाटों की संख्या बढ़कर 311 हो जाएगी. वहीं उजला बालू के 89 घाटों से खनन शुरू हो जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि घाटों की संख्या बढ़ने से बाजार में बालू की आपूर्ति बेहतर होगी और कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है.
कई घाटों की नीलामी अभी बाकी
खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार राज्य में पीला बालू के कुल 466 घाट चिन्हित हैं. इनमें से अब तक 311 घाटों की ही बंदोबस्ती हो सकी है, जबकि 155 घाटों की प्रक्रिया अभी बाकी है. वहीं उजला बालू के कुल 541 घाट हैं. इनमें से 452 घाटों की नीलामी अभी तक नहीं हुई है. विभाग ने इन सभी घाटों की नीलामी प्रक्रिया तेज करने के लिए संबंधित जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं.
निर्माण क्षेत्र को मिलेगी राहत
अधिकारियों का मानना है कि अधिक घाटों से खनन शुरू होने पर बालू की कमी की समस्या कम होगी. इससे आम लोगों, मकान बनाने वालों और निर्माण एजेंसियों को उचित दर पर बालू उपलब्ध हो सकेगा. साथ ही राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है.
