Tourist Places In Bihar: मानसून में खंडाला-लोनावाला छोड़िए, इस बार देख आइए बिहार के इन झरनों और डैमों की खूबसूरती...

Tourist Places In Bihar: अगर आप मानसून में हरियाली, झरनों और पहाड़ों का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो बिहार के कैमूर की वादियां आपका इंतजार कर रही हैं. तेल्हाड़ कुंड से लेकर करकटगढ़ जलप्रपात और दुर्गावती जलाशय तक, यहां की खूबसूरती किसी हिल स्टेशन से कम नहीं.

Tourist Places In Bihar: अगर आप इस मानसून छुट्टी की तलाश में हैं और प्रकृति की गोद में कुछ सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो आपको दूर कहीं खंडाला या लोनावाला जाने की ज़रूरत नहीं. बिहार का कैमूर जिला इन दिनों एक बेहतरीन मानसून डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है. यहां की हरियाली, पहाड़, झरने, झीलें और जंगली जीवन किसी भी प्रकृति प्रेमी को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. इस मानसून में कैमूर की वादियों की सैर आपके ट्रैवल डायरी का सबसे यादगार पन्ना बन सकती है. हालांकि अभी बिहार में लगातार बारिश हो रही है. ऐसे में कई टुरिस्ट डेस्टिनेशन पर खतरे की स्थिति बनी हुई है. जाने से पहले यहां की वर्तमान परिस्थिति की जानकारी ले लें.

तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात: प्रकृति का अद्भुत चमत्कार

कैमूर हिल्स के बीच स्थित तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात एक ऐसा स्थान है, जिसे देखने के बाद किसी को भी यह एहसास होता है कि वह किसी स्वर्गिक जगह पर है. 80 मीटर की ऊंचाई से गिरता यह जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण खास है. दुर्गावती नदी के उद्गम से थोड़ी दूर स्थित यह जलप्रपात सदा शीतल पानी और हरे-भरे जंगलों के बीच पर्यटकों को रोमांच से भर देता है. यहां बिहार का दूसरा ग्लास ब्रिज भी बनने जा रहा है.

यहां पहुंचने के लिए भभुआ रोड रेलवे स्टेशन से भभुआ शहर होते हुए भगवानपुर के रास्ते जाना होता है. स्टेशन से कुल दूरी लगभग 55 किलोमीटर है. हालांकि, यहां अभी रात में ठहरने की सुविधा नहीं है, लेकिन दिन में घूमने और पिकनिक के लिए यह जगह शानदार है.

तेल्हाड़ कुंड की तस्वीर

दुर्गावती जलाशय: जल, जंगल और जलीय जीवन का अद्भुत संगम

करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित दुर्गावती जलाशय यानी करमचट डैम एक और शानदार लोकेशन है. यहां कलकल बहती नदी, ऊंचे-नीचे पत्थर, रेत और हरियाली से लबालब माहौल आपको शहर के शोर से दूर एक अलग ही दुनिया में ले जाता है. मछलियों और कछुओं की उछलती गतिविधियों के बीच नौका विहार, जंगल सफारी और कैम्पिंग जैसी सुविधाएं पर्यटकों को खूब लुभाती हैं. यहां आप भभुआ-कुदरा रोड या चेनारी के रास्ते आसानी से वाहन द्वारा पहुंच सकते हैं.

दुर्गावती जलाशय की तस्वीर

करकटगढ़ जलप्रपात: मगरमच्छ संरक्षण और इको टूरिज्म का मेल

करकटगढ़ जलप्रपात न केवल प्राकृतिक सुंदरता का नमूना है, बल्कि इसे मगरमच्छ संरक्षण क्षेत्र के रूप में भी विकसित किया गया है. यहां का इको पार्क, लकड़ी से बना झूला पुल, तालाब, कुर्सी और वुडेन ब्रिज पर्यटकों को आराम और ताजगी का एहसास देते हैं. यह जगह सेल्फी प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है. कैमूर रेलवे स्टेशन से यहां की दूरी लगभग 45 किलोमीटर है और यहां रुकने की भी सुविधा उपलब्ध है, जिससे आप इस स्थान का रात का आनंद भी ले सकते हैं.

करकटगढ़ जलप्रपात की तस्वीर

जगदहवां डैम: जड़ी-बूटी मिश्रित पानी और भूख बढ़ाने वाला अनुभव

जगदहवां डैम कैमूर पहाड़ी की गोद में बसा एक शांत और सुंदर पिकनिक स्पॉट है. यहां के पानी को जड़ी-बूटी युक्त माना जाता है, जिसे पीते ही भूख लगती है और खाना जल्दी पच जाता है. हरे-भरे पेड़ों और पक्षियों की मधुर ध्वनि के बीच यहां का वातावरण आत्मा को सुकून देता है. यह डैम भभुआ शहर से लगभग 35 किमी की दूरी पर है और यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं है, लेकिन दिनभर के लिए यह आदर्श स्थान है.

जगदहवां डैम की तस्वीर

शेरगढ़ किला और रोहतास की खूबसूरती भी कम नहीं

कैमूर के बाद आप चाहें तो सटे रोहतास जिले की ओर भी रुख कर सकते हैं. शेरगढ़ किला, धुआं कुंड और मांझर कुंड जैसे स्थान इस मौसम में खासा लोकप्रिय हो जाते हैं. सासाराम से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित ये स्थल हरे-भरे जंगलों, झरनों और ऐतिहासिक स्थलों से भरपूर हैं. मानसून में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है. शेरगढ़ किला लगभग 800 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहां से दुर्गावती नदी और घाटी का नजारा देखने लायक होता है.

शेरगढ़ किला की तस्वीर

परिवार या दोस्तों संग उठाइए इन स्थानों का आनंद

तो इस मानसून अपने परिवार या दोस्तों संग बिहार के कैमूर और रोहतास की सैर कीजिए, और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इन स्थानों का आनंद उठाइए. जो आपको लोनावाला जाने की सोच बदलने पर मजबूर कर देंगे.

(जय श्री आनंद की रिपोर्ट)

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By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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