उपसभापति के पत्र को लेकर बिहार के नेताओं ने विपक्ष पर बोला हमला, जेडीयू ने कहा- जब बुद्ध और गांधी आत्मसात होते हैं, तब हरिवंश बनते हैं

पटना : राज्यसभा में विपक्षी सांसदों द्वारा सदन में किये गये व्यवहार के खिलाफ उपसभापति हरिवंश 24 घंटों के लिए मंगलवार से उपवास पर हैं. इसकी जानकारी उन्होंने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिख कर दी है. अब बिहार के बीजेपी और जेडीयू नेता हरिवंश के पत्र के पत्र को साझा कर कांग्रेस पर हमला बोला है. वहीं, जेडीयू ने ट्वीट कर कहा है कि जब बुद्ध और गांधी आत्मसात होते हैं, तब हरिवंश बनते हैं.

पटना : राज्यसभा में विपक्षी सांसदों द्वारा सदन में किये गये व्यवहार के खिलाफ उपसभापति हरिवंश 24 घंटों के लिए मंगलवार से उपवास पर हैं. इसकी जानकारी उन्होंने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिख कर दी है. अब बिहार के बीजेपी और जेडीयू नेता हरिवंश के पत्र के पत्र को साझा कर कांग्रेस पर हमला बोला है. वहीं, जेडीयू ने ट्वीट कर कहा है कि जब बुद्ध और गांधी आत्मसात होते हैं, तब हरिवंश बनते हैं.

बीजेपी नेता व बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव ने हरिवंश का पत्र साझा करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि दशकों पहले जब कांग्रेस लोकतंत्र कुचलने निकली थी, तब बिहार से निकले जेपी ने लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी और देश जीता. बिहार के ही हरिवंश जी का पत्र पढ़ते हुए लगा कि अब जब कांग्रेस फिर लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ खड़ी है, तब यह पत्र लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने का दस्तावेज बन रहा है.

बीजेपी नेता व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि विपक्ष के नेताओं ने संसदीय मर्यादा को तार-तार करते हुए राज्यसभा में सम्मानीय उप सभापति हरिवंश के साथ अमर्यादित व्यवहार किया, उसकी जितनी भर्त्सना की जाये कम है. हरिवंश द्वारा उपराष्ट्रपति को लिखा यह पत्र जरूर पढ़ना चाहिए. विपक्ष का निंदनीय आचरण.

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि राज्यसभा में उपसभापति पद पर हुए अपमान से आप आहत हैं और पूरा देश भी. महामहिम राष्ट्रपति को लिखा आपका पत्र बहुत प्रेरणादायी है. मर्यादा, शिष्टाचार, गरिमामय भाषा और मिट्टी से जुड़े अपने परिवेश का जो परिचय आपने दिया है, वही आपको वो शक्ति देता है कि इस पीड़ा के समय भी आप गांधी जी के रास्ते पर चलें और उपवास रखें. आपका ये पत्र सर्जना, प्रेरणा और प्रखर बौद्धिकता से भरा हुआ है, जिसमें एक दर्द भी है कि संसद की गरिमा लोकतंत्र के लिए जरूरी है. ये पत्र भारत की राजनीति और लोकनीति का अमूल्य धरोहर है.

बिहार के बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह से रविवार को जिस तरह का व्यवहार हुआ, उससे बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की भावनाएं आहत हुई. लेकिन, लोकतंत्र की मर्यादा का ध्यान रखते हुए वो धरने पर बैठे सांसदों के लिए आज चाय लेकर गये. अपने इस विशाल हृदय व्यवहार से उप सभापति ने न सिर्फ लोकतंत्र की मर्यादा का मान रखा, बल्कि संसदीय परंपरा की गरिमा भी बढ़ायी. इस मौके पर अटल जी की कविता याद आती है – ”छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता.”

जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा है कि बिहार की धरती लोकतंत्र की उपजाऊ जमीन हैं, जहां गांधी जी राजेंद्र बाबू ,लोहिया, कर्पुरी ठाकुर के आदर्शों को अपना कर सब बढ़े, लेकिन आचरण में अगर उतारा तो नीतीश कुमार और हरिवंश बाबू जैसे लोगों ने. इसलिए लोकतंत्र के मंदिर में प्रतिष्ठित पद पे हैं और ऐसे लोग भी हैं, जो जेल और बेल पे हैं.

बीजेपी नेता व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि जिस रूलबुक से सदन के सदस्य बने, हरिवंश बाबू पर कातिलाना हमला करनेवाले अर्बन नक्सल ने उसे फाड़ दिया और बुद्ध, महावीर की भूमि के हरिवंश जी और बिहारी अस्मिता पर हमला किया. आज उसी हरिवंश ने उनके साथ चाय पी गांधीजी को चरितार्थ किया. हमला करनेवाले माफी मांगे, नहीं तो बिहार जवाब देगा.

औरंगाबाद से सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा है कि विपक्ष के नेताओं ने संसदीय मर्यादा को तार-तार करते हुए राज्यसभा में सम्मानीय उप सभापति हरिवंश के साथ अमर्यादित व्यवहार किया, उसकी जितनी भर्त्सना की जाये, कम है. हरिवंश द्वारा माननीय उपराष्ट्रपति महोदय को लिखा यह पत्र जरूर पढ़ना चाहिए. विपक्ष का निंदनीय आचरण.

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